40 दिनों के बाद बड़ी दीक्षा होगी — पूज्य युगादिचंद्र महाराज की नूतन महाराज श्री ने अपने गृहस्थ आवास पर किए पगलिए परिवार जन हर्षित
रामगंजमंडी।
गुरुवार की प्रातः बेला में नूतन महाराज ने आचार्य श्री आनंदचंद्र सागर जी महाराज के साथ कंचन सिटी से मंगल विहार करते हुए अपने गृहस्थ आवास पर पगलिए किए वह दृश्य बहुत ही अभूतपूर्व था जब कल के संयम जो कभी घर में अठखेलियां किया करते थे वह क्षण अपने आप में बहुत ही भावुक था कि आज साधु जीवन में प्रवेश कर आए हैं परिवारजन काफी हर्षित एवं गदगद थे बहुत ही भावुक क्षण उसे समय देखने को मिल रहे थे उसके बाद आचार्य श्री संघ के साथ वही मौजूद रहे एवं वहां पर उद्बोधन भी हुआ। काफी संख्या में भक्त वहां मौजूद रहे।

उसके उपरांत आचार्य श्री आनंद चंद्र सागर महाराज के साथ समस्त संघ के साथ वैगन श्वेतांबर स्थानक पहुंचे जहां पर नूतन दीक्षित मुनि श्री युगादिचंद्र सागर महाराज के दीक्षा उपरांत आज आयोजित धर्मसभा में आध्यात्मिक उल्लास और भावनाओं का अद्भुत संगम देखने को मिला।

श्री वर्धमान जैन श्वेतांबर स्थानक में आयोजित धर्मसभा में पूज्य आचार्य श्री आनंदचंद्र सागर सूरी महाराज साहब ने कहा कि सूर्य के प्रकाश से जैसे संसार प्रकाशित होता है, वैसे ही भगवान महावीर के ज्ञान से हमारा जीवन आलोकित होता है।
उन्होंने कहा कि हर परिस्थिति और हर पीड़ा का समाधान धर्म में है। धर्म ही हमें बचा सकता है। जिसके हृदय में धर्म होता है, उसे देवता भी नमस्कार करते हैं। पांच दिवसीय दीक्षा महोत्सव की भावनाओं को व्यक्त करते हुए पूज्य आचार्य ने कहा कि यदि इस पूरे आयोजन को दो शब्दों में कहना हो तो वे कहेंगे —
“सेल्यूट रामगंजमंडी।”

पूज्य आचार्य ने कहा कि अब युगादिचंद्र महाराज की वास्तविक आत्म-संयम परीक्षा प्रारंभ होगी। उन्हें साधना और मर्यादाओं में तराशा जाएगा। उन्होंने कहा कि अभी दीक्षा हुई है, वे हमारे साथ रहेंगे, लेकिन कुछ मर्यादाएं और सीमाएं रहेंगी। बड़ी दीक्षा के पश्चात ये सभी रेखाएं समाप्त हो जाएंगी। बड़ी दीक्षा लगभग 40 दिनों बाद प्रदान की जाएगी।




मुनि श्री चरित्रचंद्र सागर जी महाराज ने अत्यंत प्रेरक शैली में कहा कि दीक्षा अनुमोदना का पुण्य तो सभी को प्राप्त हुआ ही है, अब उसकी “रॉयल्टी” भी मिलेगी। जिन्होंने दीक्षा की आज्ञा दी, अनुमोदना की, सहयोग किया, स्वागत किया और सहभागिता निभाई — उन सभी को लाभ प्राप्त होगा।
उन्होंने कहा कि युगादिचंद्र सागर महाराज अब जो भी तप, ध्यान, साधना और आराधना करेंगे, उसका निश्चित अंश “रॉयल्टी” के रूप में आप सभी के पुण्य खाते में भी जुड़ता रहेगा। लेकिन इसके लिए धर्म और गुरु से जुड़े रहना आवश्यक है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे रिचार्ज बंद होने पर मोबाइल टावर से कनेक्शन टूट जाता है और लंबे समय तक लेन-देन न होने पर बैंक खाता निष्क्रिय हो जाता है, वैसे ही धर्म से दूरी साधना के लाभ को कम कर देती है।
नूतन दीक्षित युगादिचंद्र सागर महाराज ने अपने उद्बोधन में कहा कि किसी भी साधु-साध्वी की निंदा नहीं करनी चाहिए। गुरु से रजोहरण प्राप्त होने के साथ ही उनका संसार से संबंध समाप्त हो चुका है। उन्होंने कहा कि राग मनुष्य को संसार में बांधे रखता है। उन्होंने सभी से मंगल भावना व्यक्त करते हुए कहा कि वे उच्च चरित्र के साथ मोक्षमार्ग पर निरंतर आगे बढ़ सकें।
दीक्षा महोत्सव प्रवक्ता वीरेंद्र जैन ने बताया कि शुक्रवार 8 मई को प्रातः 9:15 बजे पूज्य आचार्य श्री के प्रवचन श्री वर्धमान जैन स्थानक भवन में होंगे। इसके पश्चात सायं 4 बजे पूज्य आचार्य के सान्निध्य में नूतन दीक्षित युगादिचंद्र महाराज का प्रथम पैदल विहार जैन श्वेतांबर मंदिर, बाजार नंबर 3 से कोटा दिशा की ओर प्रारंभ होगा।
पैदल विहार मार्ग
जैन श्वेतांबर मंदिर, बाजार नंबर 3 से प्रारंभ होकर पुराना अस्पताल चौराहा, पन्नालाल चौराहा, नगर पालिका भवन के सामने, नारायण टॉकीज चौराहा होते हुए सुकेत मार्ग की सीमेंट रोड से कुदायला, निमाणा रोड होते हुए कौशल बाफना के सॉल्वेक्स प्लांट तक पहुंचेगा। रात्रि विश्राम वहीं रहेगा।
धर्मसभा में स्थानकवासी श्रीसंघ अध्यक्ष सागरमल बिजावत, दीक्षा महोत्सव संयोजक तेजमल सराफ, दादाराजेंद्र मेहता, माता प्रियंका मेहता, अंतिम वाला मेहता, स्थानकवासी नवयुवक मंडल महामंत्री लोकेश धूपिया एवं अंशुल मेहता ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए इस सफल एवं ऐतिहासिक आयोजन के लिए सभी का आभार व्यक्त किया।
नूतन दीक्षित पूज्य युगादिचंद्र सागर महाराज साहब ने आज अपने सांसारिक पिता संदीप मेहता के निवास पर पहुंचकर पगलिए किए। दिनेश फोफलिया ने बताया कि यहां पूज्य आचार्य आनंद चंद्र सागर सूरी जी महाराज साहब ने उपस्थित जनों को मांगलिक प्रदान किया।
विहार समिति के भानु जैन विजयपाल कीमती कोमल बोथरा विकास श्री श्रीमाल अमन बोहरा ने बताया की बिहार के दौरान सभी भक्त मर्यादा रखें और पूज्य आचार्य भगवान के दूर से ही दर्शन करें चरण स्पर्श करने का प्रयास नहीं करें।
अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट 9929747312
