खरतरगच्छाधिपति आचार्य जिन मणिप्रभ सूरीश्वर ने विहार में गांधीसागर के जैन मंदिर का जीर्णोद्धार का कार्य करवाया बुधवार को शंखेश्वर पार्श्वनाथ की प्रतिमा को प्रतिष्ठित करने का लाभ रामगंजमंडी जैन श्वेताम्बर श्रीसंघ ट्रस्ट को मिला
रामगंजमंडी
शहर में 15 अप्रैल को भगवान आदिनाथ के ऐतिहासिक मंदिर की प्रतिष्ठा करवाने वाले खरतरगच्छाधिपति आचार्य जिनमणिप्रभ सूरीश्वर विहार करके 17 अप्रैल को गांधी सागर पहुंचे। जो रामगंजमंडी से 60 किलोमीटर दूर है। वहां के कुंथुनाथ स्वामी के मंदिर में आचार्य ने दर्शन किए। यह मंदिर वर्ष 2002 में निर्मित हुआ था। इसकी प्रतिष्ठा जयानंद मुनि एवं कुशल मुनि ने करवाई थी। प्रतिष्ठा के बाद मूलनायक भगवान कुंथुनाथ स्वामी की प्रतिमा खंडित हो गई। यह बात आचार्य जिन मणिप्रभ सूरीश्वर ने पहली नजर में देख ली। शास्त्रविधि के अनुरूप अगर कोई प्रतिमा 100 वर्ष पुरानी हो और वह खंडित हो जाती है। तो उसका विलेपन हो सकता है, लेकिन गांधी सागर के मंदिर को बने कुल 24 वर्ष होने से खंडित प्रतिमा की जगह दूसरी प्रतिमा विराजमान होना आवश्यक था।
मात्र एक घंटे के प्रवास में आचार्य जिनमणिप्रभ सूरीश्वर ने जीर्णोद्धार का कार्य करवाया। श्रीआदिनाथ जैन श्वेताम्बर श्रीसंघ ट्रस्ट अध्यक्ष राजकुमार पारख ने बताया कि आचार्य ने गांधी सागर के नाम और लेणिया से मूल नायक भगवान की प्रतिमा शंखेश्वर पार्श्वनाथ भगवान की विराजमान होना बताया। इसके साथ ही गाँधी सागर में कुल 6 जैन परिवार होने से प्रतिमा भराने का लाभ आचार्य ने तगीदेवी अचलाजी शाह, जसवंतराज चंपालाल शाह परिवार निवासी सांचोर को दिया। आचार्य ने जयपुर के मूर्तिकार कैलाश से दो दिन में शंखेश्वर पार्श्वनाथ की प्रतिमा बनवाकर नीमच में पाँच दिवसीय अंजनशलाका महोत्सव में इस प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा करवाई।

– प्रतिमा की प्रतिष्ठा अंजनशलाका होने के बाद आचार्य श्री मणिप्रभ सूरीश्वर जिन्होंने नीमच में दो प्रतिष्ठा करवाई। उसके बाद आचार्य को अक्कलकुआ (महाराष्ट्र) में एक दीक्षा फिर सूरत में एक दीक्षा करवाकर चातुर्मास के लिये हैदराबाद पहुंचना है। इसलिये गांधी सागर की प्रतिष्ठा के आचार्य ने लिए छत्तीसगढ़ शिरोमणि मनोहर श्रीजी, महाराज की सुशिष्या मृगावती श्रीजी जो रामगंजमंडी की प्रतिष्ठा में आई हुई थी। उनसे निवेदन करके गांधी सागर मंदिर की प्रतिष्ठा करवाने का कार्य किया। गांधी सागर मंदिर में शंखेश्वरपार्श्वनाथ की प्रतिमा को प्रतिष्ठित करने का लाभ आचार्य जिन मणिप्रभ सूरीश्वर ने श्रीआदिनाथ जैन श्वेताम्बर श्रीसंघ ट्रस्ट की श्रद्धा भक्ति देखकर दिया। श्रीसंघ ट्रस्ट अध्यक्ष राजकुमार पारख ने बताया कि आज बुधवार को प्रतिष्ठा के शुभ मुहूर्त में इस कार्य को करने के लिए रामगंजमंडी से विजय कुमार छाजेड़, सुरेन्द्र बापना, गौरव बापना, सुशील गोखरू, मधु राजेन्द्र डांगी, पूर्व पार्षद साक्षी पारख, पूर्व पार्षद श्रेयांस पारख को गांधी सागर भेजा गया है। रामगंजमंडी का भव्य मंदिर बनाने वाले सोमपुरा विनोद शर्मा भीनमाल वालों को आचार्य मणिप्रभ सूरीश्वर ने विधिकारक के साथ पूरे विधि विधान से जीर्णोद्धार का कार्य सौंपा है।
– संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929737312
