Group of shirtless men seated on stage during a Hindu religious ceremony, with a priest at a lectern and a temple backdrop behind them.

अशोकनगर का ऐसा मोह कि घूम-फिरकर फिर यहीं आ गया, यह मुंगावली वालों का ही पुण्य है सुधासागर महाराज 

धर्म

अशोकनगर का ऐसा मोह कि घूम-फिरकर फिर यहीं आ गया, यह मुंगावली वालों का ही पुण्य है सुधासागर महाराज 

 मुंगावली

नगर में विराजमान निर्यापक श्रमण मुनि श्री 108 सुधासागर जी महाराज की वाणी का जादू इन दिनों शहर के जन-जन के सिर चढ़कर बोल रहा है। शुक्रवार को संत निवास में आयोजित धर्म सभा में मुनि श्री ने न केवल भक्तों के पुण्य की सराहना की, बल्कि अपनी भविष्य की योजना पर भी विराम लगाते हुए स्पष्ट किया कि जब तक मुंगावली का पुण्य प्रबल है।

 

 

 

 

मुनि श्री ने बहुत ही सरल और भावुक अंदाज में कहा कि इस बार मैं अशोकनगर जिले के चक्कर ही लगा रहा हूं। मैंने सोचा था कि चातुर्मास के बाद कहीं और विहार कर जाऊंगा, मगर पूरे क्षेत्र में घूम-फिर कर वापस अशोकनगर और अब मुंगावली में ही आ गया हूं। यह मुंगावली वालों का ही पुण्य है जो मुझे यहां खींच लाया है। जब तक आप लोगों का पुण्य भाव है, मैं यहां से उठने वाला नहीं हूं। प्रवचनों के दौरान मुनि श्री ने संस्कारों की महत्ता पर एक सुंदर उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि आज हमारी पहचान हमारी वेशभूषा या धन से नहीं, बल्कि हमारे संस्कारों से है। उन्होंने एक प्रसंग सुनाते हुए बताया कि जब एक प्रतियोगिता के दौरान राजा ने सभी को बंदी बनाने के आदेश दिए, तब एक युवक ने अपने विशिष्ट संस्कारों और व्यवहार से न केवल बंदी बनने से मुक्ति पाई, बल्कि राजा का दिल जीतकर इनाम भी प्राप्त किया।Golden advertisement for an 8×10 inch Premium LED Light Frame featuring Buddha and listed features like UV Print, waterproof, and contact info on the postery background.व्यक्ति सूट में सीढ़ी चढ़ता एक आधुनिक बिल्डिंग पृष्ठभूमि पर, ऊपर लाल हिंदी हेडलाइन वाला विज्ञापन दिख रहा है; बीच में ग्रे बबल में संदेश और नीचे नमकीन के ट्रे के साथ संपर्क नंबर।

 

 

शनिवार को होगा महासंगम,

शनिवार का दिन मुंगावली के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज होने जा रहा है। मुनि श्री की प्रेरणा से एक अनूठा आयोजन किया जा रहा है। इसमें नगर के सभी जैन मंदिरों के पुजारी एक साथ एक ही पंडाल के नीचे विशेष शांतिधारा करेंगे। यह दुर्लभ अवसर होगा जब स्वयं मुनि श्री अपने कर-कमलों से सैकड़ों भक्तों को गंधोदक लगाएंगे। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य समाज की एकजुटता और धार्मिक क्रियाओं के प्रति निष्ठा को बढ़ाना है।

 

 

जल्द शुरू होगा विद्या सौम्य विद्यालय का निर्माण

 

धर्म सभा से पूर्व मुनि श्री ने नगर में बनने वाले विद्या सौम्य विद्यालय की प्रस्तावित भूमि का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने जमीन की गुणवत्ता और स्थान का अवलोकन करते हुए मंदिर कमेटी को आवश्यक तकनीकी दिशा-निर्देश दिए। मुनि श्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि शिक्षा के साथ संस्कारों का केंद्र बनना अनिवार्य है, इसलिए निर्माण कार्य में देरी न की जाए और इसे जल्द से जल्द मूर्त रूप दिया जाए।

 

 

समिति की तैयारी पूरी

नगर की जैन समाज और मुनि सेवा समिति ने इस आयोजन के लिए विशेष व्यवस्थाएं की हैं। मुनि श्री ने खुद अपने मंगल प्रवचनों में इस कार्यक्रम की घोषणा की, जिससे भक्तों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। शनिवार सुबह संत निवास में भक्ति का सैलाब उमड़ने की उम्मीद है।

      संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

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