Crowd of people in traditional Indian attire gathered indoors for a ceremony, some with heads bowed and hands clasped.

परतापुर बना राजा श्रेयांस की नगरी हस्तिनापुर अक्षय तृतीया पर उमड़ा श्रद्धा का सैलाब

धर्म

परतापुर बना राजा श्रेयांस की नगरी हस्तिनापुर अक्षय तृतीया पर उमड़ा श्रद्धा का सैलाब

परतापुर राजस्थान

अक्षय तृतीया पर नगर का वातावरण धार्मिक आयोजनों से धर्ममय हो गया। पर्व का महत्व बताते हुए प्रवक्ता राहुल जैन ने कहा कि यह दिन प्रथम तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव से जुड़ी उस ऐतिहासिक घटना की स्मृति में मनाया जाता है, जब उन्होंने वर्ष भर के कठोर उपवास के बाद इक्षु रस से पारणा किया था। जैन परंपरा के अनुसार दीक्षा के पश्चात भगवान ऋषभदेव को लंबे समय तक आहार नहीं मिला, क्योंकि उस समय आहार दान की विधि प्रचलित नहीं थी। अंततः राजा श्रेयांस ने हस्तिनापुर में विधिपूर्वक गन्ने का रस अर्पित कर उन्हें आहार ग्रहण कराया। इसी कारण यह दिन अक्षय पुण्य प्रदान करने वाला माना जाता है, और नगर में इस बार यह पर्व मानों हस्तिनापुर की झलक प्रस्तुत करता नजर आया। नगर में विराजित अन्तर्मना आचार्य प्रसन्न सागर महाराज के चतुर्विध संघ की आहार चर्या हेतु सैकड़ों श्रद्धालुओं ने आहार दान का पुण्य कमाया।

 

 

 

 

इस दौरान मंदिर परिसर में बड़ी संख्या मेंश्रद्धालु उपस्थित रहे। नेमिनाथ जैन मंदिर में विशेष पूजा, अभिषेक एवं शांति धारा के आयोजन हुए। बेडवा बाबा आदिनाथ भगवान एवं मूलनायक नेमिनाथ भगवान का प्रथम अभिषेक एवं शांतिधारा करने का सौभाग्य कमल कुमार, सुनील कुमार, जतिन, अनिल दोसी एवं राजीव गादिया परिवार को प्राप्त हुआ। अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर परतापुर में आस्था और

आध्यात्मिकता का अद्भुत संगम देखने को मिला, जिससे पूरा क्षेत्र धर्ममय वातावरण में रंगा नजर आया। 

प्रचार प्रसार संयोजक नरेंद्र अजमेरा पियुष कासलीवाल औरंगाबाद से प्राप्त जानकारी संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 

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