इनकमिंग व आउटगोइंग की सीमाओं से निकलो बाहर – प्रसन्न सागर हर्षोल्लास से मनाया भगवान महावीर जन्मोत्सव गुरुदेव का दीक्षा दिवस
बांसवाड़ा।
यदि हम भगवान महावीर के सिद्धान्तों में से एक भी आत्मसात कर लें तो हमारा जीवन संवर जायेगा लेकिन दुर्भाग्य से हम सुनते सबकी है लेकिन करते मन की है। बड़े-बड़े गोदाम खाली कर दिये लेकिन हमारा छोटा सा पेट ऐसा है कि भूख शांत ही नहीं होती और हम लोग इनकमिंग और आउटगोइंग की सीमाओं में बंध गये हैं ऐसे में हमें इनसे बाहर निकलना होगा। उक्त उद्गार अंतर्मना आचार्य प्रसन्न सागर महाराज ने भगवान महावीर जन्म कल्याणक महोत्सव समिति, मुनि सेवा समिति के संयुक्त तत्वावधान में कुशलबाग मैदान में आयोजित धर्मसभा में व्यक्त किये।
उन्होंने कहा कि सिर्फ भारत की ऐसा देश है, जिसे मां का दर्जा दिया गया है। यह धरा महापुरुषों, तीर्थंकरो और अवतारों की धरा है जहां जन्म लेना अपनेआप में सौभाग्य है। उन्होंने बताया कि अमेरिका, इजरायल और ईरान का युद्ध चल रहा है लेकिन इस युद्ध के बीच भी सभी भारत का साथ दे रहे हैं, जो इस धरा की पवित्रता का परिणाम है। उन्होंने बताया कि भगवान महावीर ने अहिंसा, संयम, तप, अनेकांत जैसे सिद्धान्त और मार्ग हमें बताये हैं। जीयो और जीने दो का सूत्र देकर भगवान महावीर ने समस्त विश्व को नई दिशा दी है।

उन्होंने कहा कि जो सभी व्यसनों से मुक्त है, रात्रिकालीन भोजन नहीं करता, पानी छान के पीता है, चोरी नहीं करता वही जैन है। उन्होंने नशामुक्ति के लिये भी प्रेरित किया।
अंतर्मना आचार्य प्रसन्न सागर महाराज ससंघ के सानिध्य में आयोजित भव्य समारोह में लगभग 8 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने भगवान महावीर का जन्म कल्याणक और गुरुदेव का 37वां दीक्षा दिवस धूमधाम से मनाया। मंगलाचरण से कार्यक्रम का आगाज दिशी जैन ने किया। तरुण भैया के सानिध्य में भगवान महावीर के चित्रावरण के साथ विधिवत कार्यक्रम की शुरुआत हुई। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से भगवान का अर्घ्य समर्पित किया और गुरुदेव की अष्टद्रव्य से पूजा-अर्चना की।

कार्यक्रम के दौरान मुनि सेवा समिति के अध्यक्ष सुरेश संघवी एवं परिवार ने गुरुदेव का पाद प्रक्षालन कर मंगल आशीर्वाद प्राप्त किया। प्रवचन के उपरांत नगर में भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें विभिन्न कॉलोनियों से आई भगवान महावीर के संदेशों की जीवंत झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। सभी मंडलों के सदस्य अपने-अपने निर्धारित ड्रेस कोड में सुसज्जित होकर, बैंड-बाजों की मधुर धुन पर नाचते-गाते हुए नगर भ्रमण पर निकले। पूरी शोभायात्रा के दौरान शहर त्रिशला नंदन वीर की, जय बोलो महावीर की के जयकारों से गुंजायमान रहा। जगह-जगह नगरवासियों ने शोभायात्रा का पुष्प वर्षा कर भव्य स्वागत किया। कार्यक्रम में अल्पाहार के प्रायोजकों का भी विशेष रूप से सम्मान किया गया। आभार महामंत्री महावीर बोहरा नेमाना। ने किया
महाराज ने धर्मसभा में लिपस्टिक लगाकर आने वाली महिलाओं पर कटाक्ष करते हुए कहा कि यह धर्म के विपरित है और सवाल खड़े करता है कि आखिर हमें अहिंसा दिवस कैसे मना रहे हैं। साथ ही उन्होंने श्रद्धालुओं से कहा कि वे रात्रि भोजन का त्याग करें। उन्होंने सभी को स्वयं का आंकलन करने के लिये दो सवाल देते हुए कहा कि एक सवाल 5 नंबर का है और दूसरा 95 का। 5 नंबर का सवाल है मैं कितना खुश हूँ और 95 नंबर का सवाल है मुझसे कितने लोग खुश है। जब इसका आंकलन करेंगे तो खुद को समझ पायेंगे।
प्रचार प्रसार संयोजक नरेंद्र अजमेरा पियुष कासलीवाल औरंगाबाद से प्राप्त जानकारी संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
