छोटी बातों में एक-दूसरे को माफ करने से घर में शांति स्वस्तिभूषण: माताजी देई में स्वस्तिभूषण माताजी का मंगल प्रवेश, जुलूस के साथ भव्य अगवानी
देई
भारत गौरव गणिनी आर्यिका 105 स्वस्तिभूषण माताजी ने अपने प्रवचनों में कहा कि क्षमा केवल एक शब्द नहीं, बल्कि संयम और धैर्य की साधना है। छोटी-छोटी बातों में एक-दूसरे को माफ कर देने से घर में शांति बनी रहती है। उन्होंने कहा कि आज समाज में संयम, धैर्य और क्षमा की सबसे अधिक आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि गुस्से को रोकने का अभ्यास मनुष्य को अंदर से हल्का करता है और यही सच्चा तप है। अहंकार छोड़कर एक-दूसरे का सम्मान करने से ही जीवन में धर्म का प्रभाव दिखाई देता है।यदि घर में क्षमा और सह-अस्तित्व का भाव है तो बाहर भी धर्म का पालन सहज हो जाता है।

इससे पूर्व कस्बे में गणिनी आर्यिका 105स्वस्तिभूषण माताजी का मंगल प्रवेश हुआ समाज बंधुओ ने जुलूस के साथ अगवानी की और पाद प्रक्षालन मंगल आरती की।

सुधासागर वाटिका नैनवां रोड पर माताजी के देई आगमन पर माताजी की अगवानी की गई। शोभायात्रा के साथ ज महिला मंडल और युवा संगठन द्वारा माताजी का जगह-जगह पाद प्रक्षालन कर आरती की गई। शोभायात्रा बस स्टैंड, सदर बाजार, गढ़ की टेक होकर बड़ा जैन मंदिर पहुंची, जहां बड़ी जैन मंदिर कमेटी ने पाद प्रक्षालन कर आरती की। इसके बाद शोभायात्रा होली के खूंट से नसिया मंदिर पहुंची, जहां नसिया मंदिर कमेटी ने अगवानी की।
माताजी के मंगल पाद प्रक्षालन करने का सौभाग्य बाबूलाल नरेंद्र कुमार जिंदल को मिला, जबकि शास्त्र भेंट करने का सौभाग्य राजकुमार संजय कुमार गोयल को मिला।

महावीर जन्मोत्सव आज से
नसियां मंदिर में शनिवार से तीन दिवसीय महावीर जन्मोत्सव का आयोजन होगा। इस दौरान मुनि सुव्रतनाथ भगवान का मंडल विधान किया जाएगा। जिसमें विधानाचार्य कपिल जैन शास्त्री एवं संगीतकार अनिल जैन एंड पार्टी महुआ द्वारा प्रस्तुति दी जाएगी।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
