अरिहंत विहार दि. जैन मंदिर में गुरु उपकार भवन का लोकार्पण”मुक्तागिरी” सिद्धक्षेत्र में होंने जा रही निर्ग्रन्थ मुनि दीक्षा महोत्सव में विदिशा से 18 फरबरी को होंगी बसें रबाना

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-अरिहंत विहार दि. जैन मंदिर में गुरु उपकार भवन का लोकार्पण”मुक्तागिरी” सिद्धक्षेत्र में होंने जा रही निर्ग्रन्थ मुनि दीक्षा महोत्सव में विदिशा से 18 फरबरी को होंगी बसें रबाना

 

 (विदिशा) अरिहंत विहार वह स्थल है,जिसके मूलनायक श्री पारसनाथ भगवान की प्राण प्रतिष्ठा आचार्य विद्यासागर महाराज के ही कर कमलों से संपन्न हुई थी” उपरोक्त उदगार निर्यापक श्रमण मुनि श्री संभवसागर महाराज ने अरिहंत विहार दि. जैन मंदिर में गुरु उपकार भवन के लोकार्पण समारोह में व्यक्त किये। उन्होंने कहा कि स्वंय आचार्य श्री ने इस मंदिर की नींव रखी तथा बेदी प्रतिष्ठा कलश के आरोहण में वह स्वंय पधारे और संपूर्ण अरिहंत विहार को गुरुदेव ने अपनी परम रज से पवित्र किया,

 

 

 

 

मुनि श्री ने कहा कि आज आप लोगों ने गुरु उपकार भवन का लोकार्पण किया और हम सभी उसके साक्षी बने मुनि श्री ने कहा कि यह कार्य आचार्य श्री के द्वितीय दीक्षा दिवस पर ही सम्पादित होंना था उसी अनुसार उसका निमित्त बना राष्ट्रीय प्रवक्ता अविनाश जैन विद्यावाणी ने बताया आचार्य गुरुदेव श्री विद्यासागरजी महामुनिराज का द्वितीय समाधि दिवस के अवसर पर तीन दिवसीय अंग्रेजी तारीख से 18 फरवरी2024, तथा17 फरबरी की मध्यरात्रि में छत्तीसगढ़ के डोंगरगढ़ पहाड़ी के चंद्रगिरि पर महान योगी, महासंत आचार्य गुरुदेव श्री विद्यासागर जी महामुनिराज ने अपनी अंतिम सांस ली थी गुरुदेव के उन उपकारों को याद करते हुये तीन दिवसीय गुरु अर्चना महोत्सव का महा आयोजन 16-17- 18 फरबरी मंगलवार तक अरिहंत विहार मंदिर परिसर में रखा गया है जिसके प्रथम दिवस भगवान जिनेन्द्र देव का अभिषेक एवं नित्यनियम पूजन उपरांत आचार्य गुरुदेव की संगीतमय पूजन की गई तथा गुरुदेव के उपकारों को याद किया गया एवं”गुरु उपकार भवन” का लोकार्पण एवं बेदी शुद्धि का कार्यक्रम मंत्रोच्चारण के साथ मुनिसंध के सानिध्य में किया गया

 

कार्यक्रम के दूसरे दिवस 17 फरवरी मंगलवार को आचार्य गुरुदेव की प्रतिमा का पदार्पण होगा तथा उनके चरण कमल को विराजमान कर शुद्धी की जायेगी एवं मुनिसंघ की देशना होगी इसीक्रम में 18 फरबरी को गुरुदेव की प्रतिमा को मूल बेदी पर विराजमान कर साथ में उपकरण एवं चरणकमल की स्थापना कर संगीतमय पूजन तथा मुनिसंघ की देशना होगी।

 

प्रवक्ता अविनाश जैन विद्यावाणी ने बताया श्री सकल दि. जैन समाज की ओर से 19 फरबरी को सिद्धक्षेत्र “मुक्तागिरी” में विद्याशिरोमणी आचार्य गुरुदेव श्री समयसागर महाराज द्वारा आचार्य बनने के उपरांत प्रथम वार बीस से अधिक निर्ग्रन्थ मुनिदीक्षा प्रदान की जा रहीहै, उपरोक्त कार्यक्रम में भाग लेंने के लिये सैकड़ों की संख्या में धर्म श्रद्धालु 18 फरबरी को बस एवं चार पहिया गाड़ियो के माध्यम से बैतूल जिले में स्थापित “मुक्तागिरी सिद्धक्षेत्र” पर पहुंचेंगे तथा क्षेत्र के दर्शन कर गुरुदेव के दर्शन और उनका आशीर्वाद प्राप्त करेंगे।

 

ज्ञातव्य रहे उक्त निर्ग्रंथ मुनि दीक्षा में विदिशा नगर के गौरव ऐलक श्री कैवल्य सागर महाराज, तथा ऐलक श्री गरिष्ठ सागर महाराज का तथा सम्भवसागर महाराज संघस्थ ऐलक गौरव सागर महाराज सहित कयी अन्य मुनि/ ऐलक एवं क्षुल्लक दीक्षा होंनी है। विदिशा नगर से जो भी महानुभाव उपरोक्त कार्यक्रम में भाग लैना चाहते है वह अपने नाम सकल दि.जैन समाज समिति के पदाधिकारियों से संपर्क कर रजिस्टर करा लेवें।

     संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

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