जो घबराता नहीं वह कभी परेशान नहीं होता संभव सागर महाराज 

धर्म

जो घबराता नहीं वह कभी परेशान नहीं होता संभव सागर महाराज 

विदिशा 

12 फरवरी से 15 फरवरी तक शीतलधाम में होगी वेदी प्रतिष्ठा महोत्सव एवं समवसरण मंदिर के छत्र का शिलान्यास होगा।संत शिरोमणि आचार्य गुरुदेव श्री विद्यासागर महा मुनिराज के परम साधक शिष्य एवं आचार्य श्री 108 समयसागर महाराज के आज्ञानुवर्ती निर्यापक श्रमण मुनि श्री 108संभवसागर महाराज के ससंघ सानिध्य में चार दिवसीय महामहोत्सव भगवान श्री शीतलनाथ स्वामी के गर्भ जन्म तप और ज्ञान कल्याणकों से पवित्र भूमी शीतलधाम में संपन्न होंने जा रहा है। 

 

 

प्रवक्ता अविनाश जैन विद्यावाणी ने बताया श्री आदिनाथ जिनालय बर्रो वाले बाबा भगवान आदिनाथ स्वामी का मंदिर बनकर तैयार हो चुका है इस मंदिर के गर्भगृह में वेदी पर भगवान श्री आदिनाथ वर्रों वाले विराजमान होंगे तथा बाहर की ओर दौनों तरफ खड़गासन में दो दो अन्य तीर्थंकर की प्रतिमाएं विराजमान होंगी जिनकी अगवानी विदिशा में विगत दिनों हो चुकी है,गुरुवार से चार दिवसीय कार्यक्रम प्रारंभ हो जायेगा प्रतिदिन प्रातः 7 बजे से मांगलिक क्रियायें प्रारंभ हो जायेंगी।

 

 

 

श्री शांतिनाथ जिनालय स्टेशन जैन मंदिर में आयोजित धर्मसभा में निर्यापक मुनिश्री संभवसागर महाराज ने कहा कि जो छात्र अच्छे से अध्यन करता है,वह कभी अपने गुरु से प्रश्न पूछने में अथवा परीक्षा देने से घबराता नहीं,और जो घबराता नहीं वह ही अच्छे नंबरो से पास होता है,उसी प्रकार हम सभी मुनिराजों की भी गुरुदेव हमेशा परीक्षा लिया करते थे और कहते थे सुनो यह पंचमकाल के श्रावक है आपकी कभी भी किसी भी समय परीक्षा ले सकते है, हमारे गुरुदेव ने हम सभी मुनिराजों को पूरी तरह तैयार किया है, कब चलना? कैसे चलना? और कितना चलना? कैसे समितियों का पालन करना है?कैसे अपनी आत्मा में डूबना है? यह सब हम लोगों को हमारे गुरुदेव ने सिखाया है,हमें किसी और से सीखने की कोई आवश्यकता नहीं है,

 

मुनि श्री ने कहा कि आज से कक्षा 12 की परीक्षा शुरु हो रही सुबह बहुत से बच्चे आये और कहा कि महाराज जी आशीर्वाद दीजिये मुनि श्री ने कहा कि” निश्चिंत होकर जाओ बहूत बहूत आशीर्वाद है ऐसे ही गुरुदेव ने हम लोगों को खूब खूब आशीर्वाद देकर ऐसी कसौटी में कसकर रखा है,कि कितने भी परीक्षा परेशानी आ जायें हम लोग कभी किसी से डरते नहीं” उन्होंने कहा कि सब कुछ अपने भीतर के परिणामों पर निर्भर करता है “व्यक्ती के परिणाम कब कैसे बदल जायें यह कोई कह नहीं सकता” सब कुछ अंत समय के परिणामों पर निर्भर करता है।

 

मुनि श्री ने कहा कि हमेशा मुनिराज सभी के कल्याण की भावना भाते है, इसीलिये सभी श्रावकों को धर्मवृद्धी का तथा पाप के क्षय का आशीर्वाद प्रदान करते है।

 

   संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

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