छोटे छोटे नियम की शक्ति से आप आत्मा को परमात्मा बनाने का पुरुषार्थ कर सकते हैं आचार्य श्री वर्धमान सागर जी संघ की स्वास्तिभूषण माताजी ने की अगवानी 

धर्म

छोटे छोटे नियम की शक्ति से आप आत्मा को परमात्मा बनाने का पुरुषार्थ कर सकते हैं आचार्य श्री वर्धमान सागर जी संघ की स्वास्तिभूषण माताजी ने की अगवानी 

पदमपुरा

मनुष्य जन्म बहुत दुर्लभता से प्राप्त होता है, श्री आदिनाथ भगवान से लेकर महावीर स्वामी के तीर्थंकर कुल में आप सब ने जन्म लिया है पदम प्रभ भगवान भी छठे तीर्थंकर है उन्होंने भी राज्य का संचालन किया विरक्ति होने से उन्होंने वैराग्य धारण किया तीर्थंकर भगवान जन्म से मति,श्रुत और अवधि ज्ञान के धारी होते हैं। दीक्षा लेने के बाद उन्हें मन् पर्यय ज्ञान भी प्राप्त हो जाता है तप ,तपस्या के बल पर 8 कर्मों को नष्ट कर केवलज्ञान प्राप्त होता है, और वह सर्वज्ञ हो जाते हैं ।वर्तमान में आप लोग मोबाइल हाथ में रखने से यह समझते हैं कि दुनिया हमारी मुट्ठी में हो गई है ,जबकि त्याग संयम कर भगवान बनने से दुनिया मुठ्ठी में होती है। यह मंगल देशना वात्सल्य वारिधी पंचम पट्टाधीश 108 आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने पदमपुरा अतिशय क्षेत्र में चौथी बार प्रवेश के अवसर पर आयोजित धर्मसभा में प्रकट की।

गुरुभक्त राजेश पंचोलिया के अनुसार आचार्य श्री ने आगे बताया कि सन 1969 में हमारी मुनि दीक्षा होने के बाद दीक्षा गुरु आचार्य श्री धर्म सागर जी के साथ प्रथम बार पदमपुरा दर्शन करने आए उसके बाद सन 1980 में आचार्य कल्प श्री श्रुत सागर जी महाराज के साथ हमारा वर्षायोग पदमपुरा में हुआ। उसके बाद वर्ष 2015 में भी पंच कल्याणक हमारे सानिध्य में हुआ सन 1980 में श्री श्रुत सागर जी महाराज की प्रेरणा और आशीर्वाद से रामचंद जी कोठारी ने पदमप्रभ भगवान की खड्गासन प्रतिमा निर्मित कराई थी।

समाज ने प्रेरणा पाकर अब श्रीजी की चौबीसी का निर्माण कराया है जिसका पंचकल्याणक 18 से 22 फरवरी तक संघ सान्निध्य में होगा। पंचकल्याणक में नीचे बैठकर देखने से आनंद नहीं आता है मंच पर बैठकर पंचकल्याणक में भगवान की पूजन आदि धार्मिक क्रिया करने से आनंद आता है छोटे-छोटे नियम लेने से शक्ति मिलती है जिससे आप आत्मा को परमात्मा बनाने के लिए आगे बढ़ सकते हैं। धर्म देशना के पूर्व आचार्य श्री ने पद्मप्रभू भगवान के दर्शन संघ सहित किये आचार्य संघ के आगमन पर पूर्व से विराजित भारत गौरव गणिनी आर्यिकाश्री 105स्वस्ति भूषण माताजी ने संघ सहित मंदिर के पदाधिकारी, पंचकल्याणक समिति के साथ अगवानी कर चरण वंदना की।9 फरवरी को आचार्य श्री प्रज्ञा सागर जी ओर आचार्य श्री प्रसन्न सागर जी पदमपुरा दर्शन हेतु आ रहे हैं।

राजेश पंचोलिया इंदौर से प्राप्त जानकारी संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

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