भगवान की भक्ति की शक्ति से मानसिक, शारीरिक पीड़ा और दुख दूर होते हैंआचार्य श्री वर्धमान सागर जी
सीपुर। 
आज सीपुर में भक्तामर के 48 मंदिर और अंतरिक्ष सहस्त्रकूट जिनालय का शिलान्यास कार्यक्रम संघ सानिध्य में हो रहा है। देश में अनेक स्थानों पर जिनालयो का निर्माण हुआ है अंतरिक्ष जिनालय की कल्पना उत्तम है ।भक्तामर स्त्रोत के कारण जैन धर्म की महिमा विश्व जानता है भगवान जिनेंद्र की भक्ति में शक्ति है इससे शारीरिक मानसिक कष्ट दूर होते हैं और जैन धर्म पर आए संकट भी दूर होते हैं आचार्य मानतुंग स्वामी ने जैन साधुओं के स्वाभिमान पर आए संकट के निवारण हेतु 48 श्लोक के श्रीं भक्तामर स्तोत्र की रचना कर जैन धर्म का चमत्कार दिखलाया।
यह मंगल देशना आचार्य शिरोमणी श्री वर्धमान सागर जी गुरुदेव ने सीपुर में 48 भक्तामर मंदिर और अंतरिक्ष सहस्त्र कूट जिनालय के शिलान्यास अवसर पर आयोजित धर्म सभा में प्रकट की।





ब्रह्मचारी गजू भैय्या, राजेश पंचोलिया ने बताया कि आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज ने आगे बताया कि प्रथमाचार्य चारित्र चक्रवर्ती आचार्य श्री शांति सागर जी महाराज ने जिनालय में विजातीय प्रवेश के विरोध में 1105 दिनों तक अनाज आहारका त्याग कर संयम तप साधना से 18 करोड़ मंत्रो का जाप कर अपने पुरुषार्थ से जैन धर्म संस्कृति की रक्षा की। भगवान की भक्ति, मंत्रो स्रोत का जाप श्रद्धा विश्वास , भाव परिणाम पूर्वक से करने से फल पुण्य प्राप्त होता है क्योंकि जैनधर्म भाव प्रधान धर्म है

आचार्य श्री ने बताया कि चमत्कारी श्री श्रेयास नाथ भगवान का बुलावा था कि संघ इस कंटीले मार्ग से कुशलता पूर्वक आया ।चमत्कारी भगवान के दर्शन कर मन आल्हादित और बहुत प्रसन्नता हुई ।आचार्य श्री ने बताया कि कुंद कुंद आचार्य ने भगवान के 1008 नाम से स्तवन किया है इस आधार पर इस भव्य अंतरिक्ष सहस्त्रकूट जिनालय में 1008 नाम के भगवान विराजित होंगे।
भक्तामर स्रोत से पाप कर्मों का प्रक्षालन होता है दुख , पीड़ा और कष्ट दूर होते हैं पंडित नितिन मणि लाल गोटी ने बताया कि इसके पूर्व आचार्य संघ काआगमन पंडाल में हुआ आचार्य श्री शांति सागर जी के चित्र का अनावरण राजेश बी शाह जमना लाल हपावत,जय कारवां प्रभु दोषी ने किया।नितिन भेय्याने कार्यक्रम की रूप रेखा बताई ।पंडित हंसमुख शास्त्री ने बताया कि मंत्र में बहुत शक्ति होती हैं,मंचासिन आचार्य श्री वर्धमानसागर जी की नेत्र ज्योति बिना डाक्टरी चिकित्सा के शांति भक्ति के जाप से 55 वर्ष पूर्व वापस आई ।
नितिन भैय्या, नमन ,अजब लाल जैन अनुसार वात्सल्य पुण्य संस्थान सीपुर एवं समता तीर्थ धाम अतिशय क्षेत्र सीपुर तहसील सेमारी जिला उदयपुर के तत्वाधान में शिलान्यास कार्यक्रम पंडित हंसमुख शास्त्री धरियावद के निर्देशन पंडित भागचंद शास्त्री,पंडित कमलेश सिंघवी ने मंत्रोचार से कराया मुख्य शिलान्यास राजेश बी शाह ने किया। आचार्य श्री चरण प्रक्षालन जय मणि बेन कारवां उदयपुर ने तथा जिनवाणी मणि लाल गोटी परिवार ने भेंट की। आभार मदन लाल सराडा ने व्यक्त किया राजेश पंचोलिया इंदौर से प्राप्त जानकारी संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 
