त्याग सेवा परोपकार के लिए जितनी समय शक्ति आज है उतनी समय शक्ति कल नहीं होगी अंतर्मना आचार्य श्री प्रसन्नसागर जी महाराज
औरंगाबाद/जयपुर।
अंतर्मना आचार्य श्री प्रसन्नसागर जी महाराज ने मंगल प्रवचन देते हुए कहा कि त्याग सेवा परोपकार के लिए जितनी समय शक्ति आज है उतनी समय शक्ति कल नहीं होगी।इसलिए त्याग योगी बनकर करना, रोगी बनकर नहीं। जो लोग अक्सर बैठे रहते हैं, उनका शरीर गोबर जैसा हो जाता है। जो दिन भर आलस प्रमाद में पडे रहते हैं, वो जिन्दा लाश जैसे हैं। और जो चलते, फिरते, दौड़ते, भागते रहते हैं, वो फ़ौलादी होते हैं इसलिए खुद अपने डॉक्टर बनो।
आज की तारीख में सबसे बड़ा डॉक्टर – खुद और प्रकृति है। इसलिए प्रकृति को जीयें और प्रकृति में रहें, प्रकृति यानि स्वभाव-नेचर । जो प्रकृति में जीते हैं, वो स्वस्थ, प्रसन्न और आनंदित रहते हैं। भूख लगने पर खाना प्रकृति है, अतिथि को खिलाकर खाना संस्कृति है, और बिन भूख और बिना अतिथि को खिलाये स्वयं खाना विकृति है।

इंसान बिना किसी अनुशासन के स्वास्थ्य पर ध्यान नहीं देता। यदि आदमी हर मास एक उपवास करता है, तो वह बीमारी और विकृतियों से बच सकता है। हर मास एक उपवास करके हम न केवल अपनी इच्छा शक्ति को बढ़ाते हैं बल्कि अपने शरीर को एक नई ऊर्जा से भर देते हैं। यह भीतर की शक्ति, और प्रभु की भक्ति के माध्यम से मिलने वाली बायोलॉजिकल हीलिंग है जिसे हर व्यक्ति को करना चाहिए।





अपने स्वास्थ्य की चिन्ता खुद करें, उसके प्रति जरा भी लापरवाह होने की आवश्यकता नहीं है…!!! आज सबह परम पूज्य गुरुदेव अंतर्मना आचार्य श्री प्रसन्न सागरजी महाराज जी ससंघ का भव्य मंगल 👣 पद विहार दिनाँक 2 फरवरी 2026, सोमवार सुबह 7.15 बजे श्री आदिनाथ भवन, श्री आदिनाथ दिगम्बर जैन समिति, मीरा मार्ग, मानसरोवर, जयपुर से श्री आदिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर, वशिष्ठ मार्ग, श्याम नगर, जयपुर 7 किलोमीटर के लिए होगा नरेंद्र अजमेरा पियुष कासलीवाल औरंगाबाद से प्राप्त जानकारी संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
