आयुर्वेद भारत की सबसे प्राचीन एवं प्रभावी चिकित्सा पद्धति
— मुनि श्री संभवसागर महाराज
विदिशा।
भारतीय चिकित्सा पद्धति आयुर्वेद भारत की सबसे प्राचीन एवं वैज्ञानिक चिकित्सा प्रणाली है, जिसे भारतीय ऋषि-मुनियों ने अपने गहन अनुभव और साधना के माध्यम से लिपिबद्ध किया। उक्त विचार निर्यापक श्रमण मुनि श्री संभवसागर महाराज ने विदिशा नगर में आयोजित आयुर्वेद चिकित्सकों के सम्मान समारोह में व्यक्त किए।
मुनि श्री ने कहा कि आज हम बहुत तीव्र गति से “भारत” को छोड़कर “इंडिया” की ओर बढ़ रहे हैं। इसी संदर्भ में आचार्य गुरुदेव श्री विद्यासागर महाराज ने यह प्रेरणादायी नारा दिया था—
“इंडिया नहीं, भारत बोलो।”
उन्होंने कहा कि भारत तभी सशक्त बनेगा जब भारत में भारतीयता सुरक्षित और सशक्त रहेगी।
आयुर्वेद के उत्थान हेतु गुरुदेव का योगदान
मुनि श्री ने बताया कि आचार्य गुरुदेव ने आयुर्वेद को जागृत करने के उद्देश्य से जबलपुर में पूर्णायु अनुसंधान केंद्र तथा बीना-बरहा में शांतिधारा अनुसंधान केंद्र की स्थापना करवाई। इन केंद्रों के माध्यम से शुद्ध आयुर्वेदिक औषधियों का निर्माण हुआ, जिससे साधु-संतों के साथ-साथ श्रावक वर्ग एवं आम जनता भी लाभान्वित हो रही है।
इसी क्रम में गुरुदेव के आशीर्वाद स्वरूप विदिशा के नागरिकों को स्वर्णप्राशन एवं विद्याब्राह्मी का सेवन कराया गया।




भाषा और संस्कृति पर चिंता
मुनि श्री ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज घर-घर में बच्चों के साथ-साथ माताएँ और वृद्ध दादी-नानी तक अंग्रेज़ी शब्दों का अत्यधिक प्रयोग करने लगी हैं, जिससे हमारी मातृभाषा हिंदी उपेक्षित हो रही है। पश्चिमी सभ्यता के प्रभाव में हम भारत को “इंडिया” की दिशा में ले जा रहे हैं। इससे हमें पुनः लौटना होगा, तभी भारत और भारतीयता को सुरक्षित रखा जा सकेगा।
आयुर्वेद की विशेषता

इस अवसर पर मुनि श्री निस्सीम सागर महाराज ने कहा कि आयुर्वेदिक औषधियाँ रोग को दबाती नहीं, बल्कि उसे जड़ से समाप्त करने की क्षमता रखती हैं। वर्तमान समय में जो चिकित्सक आयुर्वेद के माध्यम से जनसेवा कर रहे हैं, वे सभी सम्मान एवं आशीर्वाद के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद में वह शक्ति है जो अन्य चिकित्सा पद्धतियों में दुर्लभ है।
आयुर्वेद चिकित्सकों का सम्मान
कार्यक्रम के प्रवक्ता वैद्य अविनाश जैन ‘विद्यावाणी’ ने जानकारी दी कि इस अवसर पर विदिशा नगर में शुद्ध आयुर्वेदिक चिकित्सा करने वाले निम्न वैद्यों का सम्मान किया गया—
वैद्य सत्यनारायण त्रिवेदी
वैद्य अवधनारायण पांडे
वैद्य अनिल अग्रवाल
वैद्य अनिल जैन
वैद्य राहुल भट्ट
वैद्य आशी जैन
वैद्य अविनाश जैन
वैद्य रामकृष्ण सोनी
सभी चिकित्सकों को तिलक, माला, अंगवस्त्र एवं सम्मान-पत्र प्रदान किए गए।
आयोजक एवं सहयोग
सम्मान समारोह का आयोजन संयोजक संजय सेठ, अध्यक्ष शैलेन्द्र चौधरी, महामंत्री प्रदीप जैन, मुकेश जैन बड़ाघर, अतुल जैन सहित समग्र पाठशाला समिति, श्री सकल दिगंबर जैन समाज एवं जैन मिलन विदिशा के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। इस अवसर पर सभी सम्मानित चिकित्सकों को ब्लड प्रेशर मॉनिटर भी भेंट किए गए। संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
