आचार्य श्री विद्यासागर महाराज के चरण चिन्ह एवं समाधि भूमि को आचार्य विशुद्ध सागर महाराज ने नमन किया, बिना कारण के कोई काम नहीं होता है और कोई भी काम धर्म नहीं होता आचार्य श्री विशुद्ध सागर महाराज 

धर्म

आचार्य श्री विद्यासागर महाराज के चरण चिन्ह एवं समाधि भूमि को आचार्य विशुद्ध सागर महाराज ने नमन किया, बिना कारण के कोई काम नहीं होता है और कोई भी काम धर्म नहीं होता आचार्य श्री विशुद्ध सागर महाराज 

| डोंगरगढ़

धर्मनगरी डोंगरगढ़ में 108 पट्टाचार्य श्रीविशुद्धसागर महाराज ससंघ (25 मुनिराज ) का सोमवार को मंगल प्रवेश हुआ। साधर्मी बंधुओं जोर-शोर से जय-जय कार कर मुनिसंघ कीअगवानी की। श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ती गई। सभी साधार्मियों ने भी संघ की आरती कर व पद प्रक्षालन कर उनकी नगर में आगवानी की गईं।

 

 

पंडित जवाहर लाल नेहरू महाविद्यालय के पास से शोभायात्रा   कचहरी चौक से भगत सिंह चौक होते हुए श्री दिगम्बर जैन मंदिर पहुंची। मुनिसंघ ने श्री दिगम्बर जैन मंदिर में भगवान के दर्शन किए इसके बाद जैन भवन में श्रीदिगम्बरपट्टाचार्य श्रीविशुद्धसागर ने प्रवचन दिया।

 

 

जैन समाज के अध्यक्ष अनिल जैन, कोषाध्यक्ष जय कुमार जैन, सचिव सुरेश चन्द जैन ने आचार्य संघ के साथ पद विहार कर आ रहे साधार्मियों का श्रीफल भेंटकर सम्मान किया। पट्टाचार्य ने प्रवचन में कहा कि जीव दया सर्वोपरि है, एक चींटी की जान बचाना भी दया धर्म है और अहिंसा का मार्ग है। जीव की कभी मृत्यु नहीं होती है। वह एक पर्याय से दूसरी पर्याय में अपने कर्म के अनुरूप भ्रमण करते रहता है।

 

 

मनुष्य, तियंच, देव, नारकी, जिस प्रकार जल का स्वभाव शीतल,अग्नि का स्वभाव उष्ण होता है, उसी प्रकार हर कार्य का कोई न कोई कारण अवश्य ही होता है। बिना कारण के कोई कार्य नहीं होता है, परंतु कोई भी कार्य धर्म नहीं होता है धर्म तो धर्म ही होता है।108 पट्टाचार्य श्रीविशुद्धसागर महाराज को नवधा भक्ति पूर्वक आहार कराने का सौभाग्य।  श्रीदिगम्बर जैन समाज डोंगरगढ़ के अध्यक्ष। अनिल जैन परिवार को प्राप्त हुआ जिसकेलिए समस्त जैन समाज ने अनुमोदन की और उनको शुभकामनाएं दी।

 

 

दोपहर में पट्टाचार्य। ससंघ (25 मुनिराज ) श्रीदिगंबर जैन अतिशय तीर्थ क्षेत्र चंद्रगिरी व 108 आचार्य।  श्रीविद्यासागर महाराजजी के समाधी स्थली के दर्शनार्थ चंद्रगिरी पहुंचे। यहां आचार्य संघ की अगवानी के लिए 105 आर्यिका।  श्रीसिद्दांतमति माता ससंघ प्रतिभास्थली की। छात्राएं व ब्रह्मचारिणी दीदियां उपस्थित थी।जिन्होंने आरती कर आचार्य संघ की अगवानी की। आचार्य श्री ने समाधि स्थली को नमन किया काफी देर वहां ध्यान भी किया। उन्होंने जिनालय के दर्शन किए एवं बन रहे मंदिर के कार्यों का अवलोकन किया। 

 संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

 

 

 

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