5 हजार से अधिक इंद्र-इंद्राणी जोड़े करेंगे भगवान आदिनाथ की भक्ति में लीन होकर पूजा-अर्चना 20 जनवरी से होगा तीर्थोदय क्षेत्र में पंचकल्याणक महोत्सव
मुहारीकलां / शिवपुरी
खनियांधाना तहसील स्थित तीर्थोदय क्षेत्र गोलाकोट पर 20 जनवरी से विश्व शांति महा पंचकल्याणक महोत्सव प्रारंभ होने जा रहा है।इस धार्मिक आयोजन की तैयारियां अब अंतिम और निर्णायक चरण में पहुंच गई हैं।
पंचकल्याण महोत्सव में 5000 से अधिक इंद्र-इंद्राणी जोड़े भगवान की भक्ति में लीन होकर पूजा-अर्चना करेंगे। साथ ही तीन गजरथों के साथ भव्य फेरियां निकाली जाएंगी।फेरियों में भगवान को विधिवत विराजमान किया जाएगा। यह दृश्य श्रद्धा और रोमांच से। भर देने वाला होगा।
जानकारी के मुताबिक गोलाकोट पर महा पंचकल्याणक निर्यापक श्रमण मुनिश्री 108 सुधा सागर महाराज एवं संघ के पावन सानिध्य में संपन्न होने जा। रहा है। इस विराट आयोजन के लिए 300। फुट से अधिक लंबा मुख्य पंडाल तैयार किया गया है। पंडाल में पंचकल्याणक की पूरी। क्रियाएं और भक्ति पूजन होगा, जो श्रद्धालुओं। की अपार संख्या को एक साथ समाहित करने में सक्षम होगा।
यात्रियों के ठहराव की समुचित व्यवस्था के साथ-साथ भोजन व्यवस्था को भी तीन अलग-अलग भोजनशालाओं में विभाजित किया गया है। एक परम। सोला त्यागी व्रती भोजनशाला, एक साधारण भोजनशाला तथा एक अलग भोजनशालाआयोजन में सेवारत स्टाफ के लिए।सुरक्षा के लिए गोलाकोट में 1 हजार से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए।
निःशुल्क वाहन सेवा उपलब्ध रहेगी
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए खनियांधाना नगर औरबामोरकलां कस्बे से गोलाकोट तक समिति द्वारा निःशुल्क वाहन व्यवस्था भी की गई है। बता दें कि गोलाकोट पहुंचने के लिए ट्रेन, बस एवं निजी साधन सभी आना। संभव है। शिवपुरी जिला मुख्यालय से गोलाकोट की दूरी 110 किमी है। जबकि झांसी से 90 किमी, ललितपुर से 90 किमी, अशोकनगर से 100 किमी, तथा खनियांधानासे मात्र 10 किमी की दूरी पर स्थित है।
गोलाकोट : प्रकृति औरतीर्थ का अद्भुत संगम
गोलाकोट का गोलाकार पर्वत, उसके तल में स्थित विशाल तालाब और चारों ओर फैली प्रकृति की अनुपम छटा देखते ही बनती है। यह क्षेत्र अब केवल एक तीर्थ नहीं, बल्कि अन्य क्षेत्रों के लिए। प्रेरणा का स्रोत बनकर उभर रहा। है, जहां से प्रेरणा लेकर अनेक। उपेक्षित तीथों के उद्धार का मार्ग प्रशस्त होगा।
गोलाकोट का महा स्वर्ण मंदिर अब पूर्ण रूप सेबनकर तैयार है। मंदिर में विराजित भगवान की प्रतिमा को देखकर ऐसा प्रतीत होता है मानो यह पृथ्वी पर नहीं, साक्षात स्वर्गलोक में प्रतिष्ठित हो । यह अद्भुत कल्पना और उसका साकार रूप मनीषीश्री की दिव्य दृष्टि का परिचायक है। इस दृश्य को एक बार देखने के बाद भी मन नहीं भरता, नजर हटाने का जी ही नहीं चाहता।
चप्पे-चप्पे पर निगरानी
सुरक्षा के दृष्टिकोण से पंचकल्याण महोत्सव अभूतपूर्व होगा। पूरे परिसर में 1000 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनके माध्यम से चप्पे-चप्पे परनिगरानी रखी जाएगी। इसके साथ ही हजारों सुरक्षाकर्मी तैनात रहेंगे।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312








