250 वर्ष प्राचीन पारसनाथ प्रतिमा का महामस्तकाभिषेक हुआ विधायक जयवर्धन सिंह के निवेदन पर योग सागर महाराज संघ ने किया किले का अवलोकन
राघौगढ़
परम पूज्य संत शिरोमणि आचार्य विद्यासागर महाराज के ज्येष्ठ शिष्य निर्यापक मुनि योग सागर महाराज के। सानिध्य में शुक्रवार को श्री पारसनाथ दिगंबर जैन मंदिर में 250 वर्ष पुरानी मूल नायक भगवान पारसनाथ की प्रतिमा का महामस्तकाभिषेक हुआ।
इस अवसर। पर भगवान पारसनाथ की नवीन। श्वेत संगमरमर की प्रतिमा के चरणों। का भी अभिषेक किया गया। जून-जुलाई 25 को
पंचकल्याणक महोत्सव में मंदिर की नवीन वेदियों में भगवान की स्थापना। की गई थी। उस समय भगवान को। कमलासन पर विराजमान किया गया था, उच्चासन नहीं दिया गया था।प्रतिष्ठाचार्य संजीव भैया कटंगी के। निर्देशन में नवीन वेदियों में भगवान। को विधिवत कमलासन पर। विराजमान किया गया।

पूर्व मंत्री और राघौगढ़ विधायक जयवर्धन सिंह के आग्रह पर मुनि
योग सागर महाराज ससंघ राघौगढ़ के लगभग 300 वर्ष पुराने। ऐतिहासिक किले पर पहुंचे। वहां। राज परिवार ने मुनि संघ का पाद प्रक्षालन किया। मुनि संघ ने किले। का अवलोकन किया।
योगसागर महाराज ने कहा कि राघौगढ़ राजाओं की नगरी है यहां के राजा दिग्विजय सिंह मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री रहे हैं। राघौगढ़ में सर्वधर्म समभाव देखने। को मिला। जब दिग्विजय सिंह। मुख्यमंत्री थे, तब उन्होंने भी मध्यप्रदेश में सर्वधर्म समभाव के लिए कार्य किया। वे कई बार आचार्य विद्यासागर महाराज से। मिलने और आशीर्वाद लेने पहुंचे।गौ संवर्द्धन के लिए भी उन्होंने सराहनीय कार्य किया।
दोपहर 2 बजे मुनि योग सागर ससंघ का मंगलविहार श्री पारसनाथ दिगंबर जैनमंदिर से हुआ। संत सुधा सागर धाम स्थित संभव नाथ जिनालय के। दर्शन के बाद संघ ग्राम आवन कीओर रवाना हुआ। श्रद्धालुओं औरमहिलाओं ने अश्रुपूरित विदाई दी।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
