वाक्केशरी श्रमणाचार्य विनिश्चय सागर महाराज का पदमपुरा में हुआ भव्य मंगल प्रवेश – जुलूस एवं धर्म सभा में उमडे श्रद्धालुभगवान पदमप्रभू का अतिशय निराला है – श्रमणाचार्य विनिश्चय सागर

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वाक्केशरी श्रमणाचार्य विनिश्चय सागर महाराज का पदमपुरा में हुआ भव्य मंगल प्रवेश – जुलूस एवं धर्म सभा में उमडे श्रद्धालुभगवान पदमप्रभू का अतिशय निराला है – श्रमणाचार्य विनिश्चय सागर

पदमपुरा -12 दिसम्बर 

– समाधिस्थ गणाचार्य विराग सागर महाराज के परम प्रभावक शिष्य वाक्केशरी श्रमणाचार्य विनिश्चय सागर महाराज का शुक्रवार 12 दिसम्बर को प्रातः 10.00 बजे भव्य जुलूस के साथ दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र पदमपुरा में मंगल प्रवेश हुआ । इस मौके पर आसपास का वातावरण भगवान पदमप्रभू के जयकारों से गुंजायमान हो उठा। इससे पूर्व प्रातः 9.30 बजे पदम ज्योति नैत्र चिकित्सालय से गाजों बाजों के साथ भव्य मंगल प्रवेश जुलूस रवाना हुआ । इस मौके पर बडी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। 

 

 

आचार्य विनिश्चय सागर महाराज जयपुर प्रवास समिति के महामंत्री विनोद जैन कोटखावदा के मुताबिक पदम ज्योति नैत्र चिकित्सालय पर सकल दिगम्बर जैन समाज द्वारा आचार्य श्री ससंघ की भव्य अगवानी की गई। मंगल प्रवेश जुलूस विभिन्न मार्गो से होता हुआ दिगम्बर जैन मंदिर अतिशय क्षेत्र पहुचा जहा धर्म सभा में आचार्य विनिश्चय सागर महाराज के मंगल प्रवचन हुए। मार्ग मे श्रद्धालुओं द्वारा जगह जगह पाद पक्षालन एवं मंगल आरती की गई।

 

 

 

मुख्य संयोजक प्रदीप जैन एवं चेतन जैन निमोडिया ने बताया कि इससे पूर्व आचार्य संघ प्रातः 8. 00 बजे शिवदासपुरा से मंगल विहार कर स्थानीय दिगम्बर जैन मंदिर के दर्शन करते हुए पदमपुरा के गुलाब कौशल्या चेरिटेबल ट्रस्ट के पदम ज्योति नैत्र चिकित्सालय पहुंचे जहां पदमपुरा क्षेत्र कमेटी, आचार्य विनिश्चय सागर महाराज जयपुर प्रवास समिति एवं श्रद्धालुओं सहित गुलाब कौशल्या चेरिटेबल ट्रस्ट के मुख्य ट्रस्टी नरेश मेहता एवं समिति सदस्य विनोद जैन कोटखावदा के नेतृत्व में आचार्य संघ की पाद पक्षालन एवं मंगल आरती कर भव्य अगवानी की गई । यहाँ से प्रातः 9.30 बजे मंदिर जी के लिए बैण्ड बाजों के साथ विशाल जुलूस रवाना हुआ । मार्ग में जयकारों के बीच गणिनी आर्यिका सरस्वती माताजी ससंघ से मिलन हुआ। 

 

 

पदमपुरा अतिशय क्षेत्र कमेटी के अध्यक्ष सुधीर जैन एवं मानद् मंत्री हेमंत सोगानी ने बताया कि आचार्य श्री का 28 वां संयम दीक्षा महोत्सव रविवार 14 दिसम्बर को दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र पदमपुरा में धूमधाम से मनाया जाएगा। आचार्य विनिश्चय सागर महाराज जयपुर प्रवास समिति के अध्यक्ष अनिल जैन बनेठा एवं महामंत्री विनोद जैन कोटखावदा ने बताया कि संयम दीक्षा महोत्सव की तैयारियां पूरी हो गई है । महोत्सव के लिए विभिन्न समितियां बनाई गई है। 

 

 

 

मुख्य संयोजक पदम बिलाला एवं डॉ विमल कुमार जैन ने बताया कि रविवार 14 दिसम्बर को आयोजित होने वाले 28 वें संयम दीक्षा दिवस में सानिध्य प्रदान करने के लिए सकल दिगम्बर जैन समाज, पदमपुरा क्षेत्र कमेटी, आचार्य विनिश्चय सागर जयपुर प्रवास समिति द्वारा  पदमपुरा में धर्म सभा के दौरान श्रीफल भेट कर निवेदन किया गया। इसी के साथ दुर्गापुरा, इंजीनियर्स कालोनी मानसरोवर, श्योपुर, चित्रकूट कालोनी आदि कालोनियों के श्रद्धालुओं ने श्रीफल भेट कर प्रवास के लिए निवेदन किया। 

 पदमपुरा क्षेत्र कमेटी के अध्यक्ष सुधीर जैन एवं मानद् मंत्री हेमंत सोगानी ने बताया कि इस मौके पर नरेश मेहता, ज्ञान चन्द झांझरी, महावीर अजमेरा, राज कुमार कोठ्यारी, प्रदीप जैन, विनोद जैन कोटखावदा, पदम चन्द बिलाला, डाॅ विमल कुमार जैन, चेतन जैन निमोडि़या, अशोक बाकलीवाल, सतीश खण्डाका,अशोक खण्डाका, सुभाष बज , निर्मल पाटोदी,सुरेन्द्र जैन,प्रकाश बाकलीवाल, कुलदीप सोनी, पुलकित जैन, सीए शुभम जैन हल्देनिया ,नितिन जैन हल्देनिया , अंकित जैन, गजानन्द काला, नरेश बाकलीवाल, दीपिका जैन कोटखावदा, प्रेम लता बाकलीवाल पुष्पा सोनी, कुसुम साखूनियां, सुनिता हल्देनियां,अंजना बाकलीवाल, बबीता सोगानी, अनिता लुहाड़िया , रेखा पाटनी,श्रुति सोनी,मीनू निमोडिया, वैशाली सोनी तन्वी जैन आदि उपस्थित रहे।

 

 

मुख्य संयोजक पदम चन्द बिलाला एवं डॉ विमल कुमार जैन ने बताया कि इससे पूर्व गणाचार्य विराग सागर महाराज के शिष्य आचार्य विनिश्चय सागर महाराज ससंघ का गाजे बाजे के साथ पदमपुरा अतिशय क्षेत्र में मंगल पदार्पण हुआ।मुख्य द्वार पर क्षेत्र कमेटी की ओर पाद पक्षालन एवं मंगल आरती कर अगवानी की गई। 

 

 

भगवान पदमप्रभू के दर्शन पश्चात धर्म सभा हुई। आचार्य विनिश्चय सागर महाराज ने मंगल प्रवचन में कहा कि भूगर्भ से प्रकटित भगवान पदमप्रभू का अतिशय निराला है। यहाँ से अपने कर्मों की निर्जरा के लिए जितना आशीर्वाद प्राप्त कर सकते है वो करना चाहिए। उन्होंने बताया कि पद्मपुराण में उल्लेख किया गया है कि जब राम ने सीता का परित्याग किया तो सीता ने संदेश भेजा कि जैसे मुझे छोडा है वैसे धर्म को मत छोड़ना। श्रद्धालुओं का पदमपुरा अतिशय क्षेत्र से जुडाव पूर्वजो से है। अपने कर्मो की निर्जरा करो। हमें उन जैसा बनना है जो सिद्धालय में विराजमान है। हम प्रभू के समक्ष ऐसी अर्जी लगाये कि हम भी उन जैसा बन सके।  पदमप्रभू भगवान ने हाथी को बंधा हुआ देखकर वैराग्य हो गया उसी प्रकार हमें भी अपने बंधनों को काटकर जीवन का उद्धार करना है। दोपहर में आचार्य श्री ससंघ के सानिध्य में श्री शांतिनाथ पूजा विधान का संगीतमय आयोजन किया गया। सायंकाल गुरु भक्ति, आरती की गई। इससे पूर्व दोपहर 2.00 बजे गणिनी आर्यिका सरस्वती माताजी ससंघ का जयपुर के लिए मंगल विहार हो गया। 

विनोद जैन कोटखावदा के मुताबिक शनिवार, 13 दिसम्बर को प्रातः अभिषेक, शांतिधारा के बाद प्रातः 8.15 बजे मंदिर जी में धर्म सभा का आयोजन होगा। जिसमें आचार्य विनिश्चय सागर महाराज के मंगल प्रवचन होगें। विनोद जैन कोटखावदा के मुताबिक रविवार को दोपहर 12.15 बजे से आयोजित होने वाले 28 वें दीक्षा दिवस समारोह में ध्वजारोहण, चित्र अनावरण, दीप प्रज्जवलन, मंगलाचरण, पाद पक्षालन,संगीतमय पूजा, जिनवाणी भेंट, पिच्छीका परिवर्तन, आचार्य श्री की दिव्य देशना सहित कई आयोजन होगें। सायंकाल 28 थालियों में 28 दीपकों से आचार्य श्री की महाआरती की जाएगी। इस मौके पर पूरे देश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे। 

 

विनोद जैन कोटखावदा महामंत्री आचार्य विनिश्चय सागर महाराज जयपुर प्रवास समिति जयपुर से प्राप्त जानकारी संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

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