परम पूज्य आचार्य श्री विनिश्चय सागर महाराज सानिध्य में 180 व्यक्तियों के हुए अष्टमूलगुण संस्कार सही मायने में आज आपका सही जन्मदिन है आचार्य श्री
रामगंजमंडी
परम पूज्य आचार्य श्री 108 विनिश्चय सागर महाराज सानिध्य में 180 व्यक्तियों के अष्टमूलगुण संस्कार हुए इस आयोजन के मुख्य प्रेरणास्रोत परम पूज्य मुनि श्री 108 प्रांजल सागर महाराज रहे इसके साथ ही विधि विधान से क्रिया संपन्न कराने में ब्रह्मचारी नमन भैया के निर्देशन संघस्थ सभी ब्रह्मचारी भैया एवम दीदी रही।
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सर्वप्रथम णमोकार मंत्र के उच्चारण के उपरांत मंगलाष्टक बोलते हुए सभी के संस्कार किए गए भक्तिमय भजनों के बीच यह आयोजन हुए इसमें भक्ति पड़ी गई सभी के हाथों में स्वास्तिक करते हुए श्रीफल द्रव्य आदि देते हुए उनके अष्टमूलगुण संस्कार किए इसमें 8 वर्ष से 80वर्ष तक के सभी पुरुष महिला बच्चे शामिल रहे। इस आयोजन को लेकर सभी में उत्साह बना हुआ था। सभी के मोली बंधन किया गया।
आचार्य श्री 108 विनिश्चय सागर महाराज ने सभी के संस्कार किए अष्ट मूल गुणों में 5 उदबर फल 3 मकार मद, मांस मधु का त्याग सभी को आजीवन त्याग कराया सभी को धर्म से जोड़ा यह आयोजन नगर के इतिहास में एक अलौकिक था।
इस अवसर पर आचार्य श्री ने कहा कि जिस प्रकार फसल को बोने के लिए भूमि तैयार करनी होती है इसी प्रकार मोक्ष मार्ग में बढ़ने हेतु 5 उदबर फल और मद मांस मधु का त्याग करना होता है तब जाकर हम अष्ट मूलगुण धारण कर सकते हैं इसे त्याग करके ही हम मोक्ष मार्ग की भूमि तैयार कर सकते हैं।
उन्होंने कहा बिना अष्टमूलगुण के मोक्ष की तैयारी नहीं होती है जिस प्रकार मुनिराजो के 28 मूल गुण होते हैं उसी प्रकार यह श्रावक के आठ मूल गुण होते हैं जिन्हें धारण करना होता है। उन्होंने सभी की तारीफ की आप अच्छा काम कर रहे हैं यह आपके मोक्ष मार्ग पर बढ़ाने का एंट्री कार्ड है। आज संकल्प ले कि हम इन आठ चीजों का सेवन नहीं करेंगे और हम तब सेवन नहीं करेंगे तभी हम श्रावक कहलाएंगे। इसका त्याग कर व्यक्ति अष्ट मूल गुण धारी की उपाधि को प्राप्त कर लेता है और वह धर्मात्मा होता है।
उन्होंने कहा कि सही मायने में आज आपका सही जन्मदिन है जिस दिन धर्मात्मा धर्म ग्रहण कर लेता है उसी दिन उसका जन्मदिन माना जाता है।
धर्म और धर्मात्मा दुनिया में कमी नहीं होगी और सच्चे धर्म की भी कमी नहीं होगी लेकिन आज सच्चे धर्मात्मा की कमी है सच्चे धर्मात्मा जब धर्म ग्रहण कर लेंगे तो इस दुनिया में धर्मात्मा के अलावा कुछ नहीं होगा। सच्चा धर्म हमें मिल जाए हमें यही भावना भानी चाहिए। आज आपको खुशी मनाना चाहिए आज आपका खुशी का समय है क्योंकि आज आप धर्मात्मा बन रहे हैं।
अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट 9929747312











