आचार्य श्री प्रज्ञा सागर महाराज सानिध्य में पत्रकार अधिवेशन में जैनत्व के संस्कारों के संरक्षण पर हुआ मंथन ऐसा लिखें उसे पढ़ने के बाद लोगों के कदम मंदिर की ओर बढ़े प्रज्ञा सागर महाराज
कोटा
शिक्षा नगरी कोटा में महावीर नगर प्रथम में स्थित प्रज्ञा लोक में तपोभूमि प्रणेता आचार्य श्री 108 प्रज्ञा सागर जी मुनिराज ससंघ पावन सानिध्य में जैन पत्रकार महासंघ का जैनत्व के संस्कारों का संरक्षण कैसे विषय पर संगोष्ठी के साथ हर्षोल्लास पूर्वक सम्पन्न हुई।
यह दो सत्र में संपन्न हुई
राष्ट्रीय महामंत्री उदयभान जैन के अनुसार कार्यक्रम की अध्यक्षता जैन पत्रकार महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री रमेश जैन तिजारिया ने शुभारंभ आगंतुक अतिथियों द्वारा पूर्वाचार्यों के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ।

यह रहे मौजूद
इस अवसर पर राकेश जैन चपलमन, राजेन्द्र महावीर सनावद,पारस जैन पत्रिका,शैलेन्द्र जैन,आकाश जैन इंदौर,उदयभान जैन सहित अनेको वक्ताओं ने चिंतन व्यक्त किया। इस अवसर पर आचार्य श्री प्रज्ञा सागर महाराज ने समाज हित में कलम चलाने और कदम बढ़ाने का आह्वान करते हुए कहा कि जब पत्रकार समाज को सकारात्मक दिशा देंगे, तभी समाज मजबूत बनेगा। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए एक करोड़ वृक्षारोपण का संकल्प दिलाया तथा प्रत्येक पत्रकार से कम से कम एक हजार वृक्ष लगाने का संकल्प दिलवाया । प्रथम सत्र में बोलते हुए आचार्य श्री ने कहा कि आपकी कलम जब भी चले तो ऐसी चले उसे पढ़ने के बाद लोगों के कदम मंदिर की ओर बढ़ने लगे।
उन्होंने पत्रकारों को संबल देते हुए कहा कि बहुत सारे अखबार इसलिए बंद हो जाते हैं कि लेने वाला कोई नहीं है लगातार अच्छा लिखते रहिए एक दिन पढ़ने वाला जरूर अच्छा व्यक्ति मिलेगा। श्री कृष्ण और अर्जुन का उदाहरण देते हुए गुरुदेव ने कहा कि जिस प्रकार इकलौते अर्जुन को भगवान श्री कृष्ण ने गीता का उपदेश दिया आज वह गीता सारी दुनिया पढ़ रही है। कलम लगातार चलनी चाहिए।
अच्छा लिखिए टेंशन मत लीजिए
लोगों की मानसिकता को समझ कर कलम चलना चाहिए, संक्षिप्त लिखिए अच्छा लिखिए टेंशन मत करना। एक लोकोक्ति के माध्यम से कहा कि अच्छा कर भूल जाओ नीति करो और कुएं में डाल के साथ गुरुदेव ने कहा कि आप सब लिखिए नाम चस्पा कर फोटो खिंचवाने के लिए बड़े पत्रकार नहीं लिखते रोज लिखते चले जाओ। लगातार लिखे लिखकर पढ़कर सो जाओ। कल जहां से लिखा उसे दो शब्द ज्यादा लिखकर सोना।



प्रथम राजा श्रेणिक पुरुस्कार प्रदीप जैन रायपुर दैनिक विश्व परिवार को मिला
सम्मेलन के दौरान गुरु आस्था परिवार कोटा,तपोभूमि उज्जैन व पत्रकार महासंघ द्वारा प्रथम राजा श्रेणिक पत्रकारिता पुरस्कार से रायपुर-झांसी से प्रकाशित दैनिक विश्व परिवार के संपादक श्री प्रदीप जैन को सम्मानित किया गया। उन्हें आचार्य श्री के कर कमलों से साफा, माला, दुपट्टा,राशि एवं प्रशस्ति पत्र भेंट किया गया।
इस अवसर पर जैन महासभा के प्रतिनिधि सहित देशभर से अनेक वरिष्ठ पत्रकार व गणमान्य उपस्थित रहे। इनमें राजा बाबू गोधा,बलवंत राज मेहता, दिलीप जैन, मुकेश जैन, अखिलेश (अजमेर), मनीष जैन (उदयपुर), विमल बज (जयपुर), मनोज जैन (टोंक), अभिषेक लुहाड़िया (रामगंज मंडी), प्रकाश जैन (भीलवाड़ा), महावीर सरावगी (नेनवा), रविन्द्र काला (बूंदी), पारस जैन (कोटा), डॉ. अनिल जैन, सुरेंद्र प्रकाश जैन, वी.बी. जैन, दीपक गोधा, महेंद्र जैन (लावा), संजय जैन बड़जात्या कामां ,साधना मदावत,उषा पाटनी, रेखा पतंगिया, डॉ कल्पना जैन, सहित अनेक पत्रकार शामिल हुए। इस अवसर पर मोटिवेशनल स्पीकर आकाश जैन ने भी अपने भाव प्रकट किए।
कभी भी स्पीच तो तो शाकाहार बोलना लेकिन मांसाहार शब्द मत बोलना मासभक्षी बोलना
आचार्य श्री दोपहर के सत्र में समस्त देश से आए पत्रकारो ने जैनत्व के संस्कारों के संरक्षण पर जोर देते हुए अपनी बात को रखा इस अवसर पर आचार्य श्री 108 प्रज्ञा सागर महाराज ने कहा कि कलम का जो महत्व है कोई हाथ से पैदा नहीं हुआ भगवान ऋषभदेव ने छह कर्मों की शिक्षा देते हुए सबसे पहले कलयुग को कलयुग बताया। हाथ हिलाए बिना काम नहीं होगा हाथ पैर चलाने होंगे हाथ पर हाथ बैठकर रखने की जरूरत नहीं है हाथ से काम किया जाना चाहिए भगवान ने हाथ दिए हैं इसका उपयोग करें पढ़ाई करें लिखाई करें बार-बार करे। बिना करें आपको सुख नहीं मिलेगा आसि मसि कृषि के विषय में बताते हुए कहा कि कलम में बहुत बड़ी ताकत है। ज्यादा अच्छा करने के लिए ज्यादा मेहनत करनी होगी।
कलम में दम लाओ
आचार्य श्री ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए उन्हें मोटिवेट करते हुए कहा कि कलम में दम लाओ कलम में दम लाना होगा। आज के वर्तमान परिपेक्ष पर गुरुदेव ने कटाक्ष करते हुए कहा कि आज का व्यक्ति दुखी और डिप्रेशन में है इसीलिए मोटिवेशन की आवश्यकता हो रही है। दिमाग और शरीर पर मोबाइल राज कर रहा है। उन्होंने कहा कि हमें ऐसी योग्यता पैदा करनी है कि आपको सम्मानित सदस्य आए ऐसे ना बुलाया जाए जबकि ऐसे बुलाया जाए कि पत्रकार महासंघ के सम्माननीय सदस्य के रूप में बुलाया जाए तो मजा आ जाएगा। योग्यता तो पैदा करनी होगी वृक्ष बनने के लिए जमीन फाड़नी पड़ती है सैकड़ो बाधाओं को सहन करने के बाद मेहनत करने के बाद हम आकाश को छू सकते हैं।
पत्रकारों को इंगित करते हुए गुरुदेव ने कहा कि कभी भी अपने लेख और स्पीच में शाकाहार बोलना मांसाहार मत बोलना मांस भक्षी कह सकते हो। क्योंकि मांसाहार कभी आहार नहीं हो सकता। यह दृढ़ संकल्प ले की कभी भी मांसाहार नहीं कहेंगे मांस भक्षी कहेंगे।
अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट 9929747312



