हम एक नियम ले किसी का बुरा नहीं करेंगे मैं भी किसी का कुछ नही बिगाडुंगा सुधासागर महाराज
अशोकनगर मुनिश्री सुधासागर जी महाराज ने सुभाषगंज मंदिर में चल रही धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा कि जब जब भी आप किसी पर कीचड़ फेंकोगे तो वहगंदा हो या नहीं हो आपके हाथ जरूर गंदे होते चले जाएंगे। उत्तम मार्दव धर्म मान से दूर रहने का नाम है मान नहीं करेंगे तो क्या हो जायेगा तुम्हारा काम बहुत अच्छी तरह से चलता रहेगा।
मनुष्य गति में स्वभाव से ही मार्दव धर्म कहा गया सबकी विनय करना तुम्हारा कर्तव्य ही नहीं धर्म भी है जिसे उत्तम मार्दव धर्म कहा गया है। ये मनुष्य पर्याय मिली है ये मार्दवता के कारण ही तो मिलीं है मेरे भगवान मेरे गुरु और कोई मेरा बाल वांका नहीं कर सकता इसके लिए एक नियम ले कि हम किसी का बुरा नहीं करेंगे साथ ही ये नियम लें मैं किसी का कुछ नहीं बिगाडूंगा।
जीवन को शांति से जीना है तो संबंध बनाओ
महाराज श्री ने कहा दुनिया में अगर जीना है तो संबंध बनाओ शान्ति से जीने के लिए संबंध जरूरी है हर विधा के श्रेष्ठ लोगो से संबंध बनाएं। बिना संबंध बनाए दुनिया में आप रह नहीं सकते। संबंध चार प्रकार के होते हैं सबसे पहले सहयोग करने वाले से संबंध बनाये जो तुम्हारे प्रतिपक्षी है उनसे भी संबंध बनाये रखें वे जहां रहते हैं हमभी वही रहेंगे हर स्थान पर तुम्हारा प्रतिद्वंद्वी बैठा है वह कीचड़ के समान है हमें कीचड़ हटाना नहीं है कीचड़ से बचना है। कमल कीचड़ में ही खिलता है।


मेरा जन्म तो संसार रूपी कीचड़ हुआ है मुझे इससे कमल की तरह कीचड़ से बाहर आना है। जीवन के किसी भी पल में वैराग्य उपज सकता है। संसार में रहकर संसार को तज सकता है। इस संसार में रहकर ही तो संसार को छोड़ना है।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312



