अपने भीतर की शांति को मज़बूत करो : सर्वार्थ सागर जी महाराज
पथरिया -26 -8-2025
अखिल भारतवर्षीय दिगंबर जैन युवा परिषद कोल्हापुर के कार्याध्यक्ष श्री अभिषेक अशोक पाटील, कोल्हापुर ने कहा कि, पट्टाचार्य विशुद्ध सागर महाराज जी ससंघ का चातुर्मास पथरिया में शुरु हैं | पट्टाचार्य विशुद्ध सागर महाराज जी के शिष्य विचित्र बाते प्रणेता सर्वार्थ सागर महाराज जी ने पथरिया में अपने प्रवचन में कहा कि -जीवन में अनेक बार हमें ऐसे क्षणों का सामना करना पड़ता है, जब अन्याय, अपमान या कटुता से मन विचलित हो उठता है। उस क्षण पर प्रतिक्रिया देना आसान होता है, पर प्रतिक्रिया देना हमेशा समाधान नहीं होता।
उन्होंने कहा हमारे भीतर का जो शांति का स्रोत है, वह तभी प्रकट होता है जब हम प्रतिक्रिया देने के स्थान पर ठहरते हैं। जब कोई हमें चोट पहुँचाए और हम बदले में कुछ न कहें, बल्कि अपने भीतर शांति बनाए रखें – वही हमारा आत्म-बल है
बुराई का उत्तर बुराई से देने से केवल द्वेष बढ़ता है। यह एक अंतहीन श्रृंखला है जो कभी समाप्त नहीं होती। लेकिन जब हम संयम रखकर उत्तर नहीं, बल्कि मौन या सद्भाव से प्रतिक्रिया देते हैं, तो हम उस श्रृंखला को वहीं तोड़ देते हैं।
महानता किसी बड़े पद, वाणी या बाहरी प्रदर्शन में नहीं है। वह तो भीतर की उस स्थिति में है जहाँ मन स्थिर रहता है, जहाँ कोई भी नकारात्मकता उसे हिला नहीं सकती।
अतः यही आग्रह है – अपने भीतर की शांति को मज़बूत करो, प्रतिक्रिया के स्थान पर सजगता लाओ, और जीवन को ऊँचाई दो।
विशुद्ध परमभक्त श्री अभिषेक अशोक पाटील, कोल्हापुर से प्राप्त जानकारी संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312





