पश्चिमी सभ्यता की नकल न करे- स्वस्ति भूषण माताजी –
गणिनी आर्यिका स्वस्ति भूषण माताजी जवाहर नगर में प्रवेश बुधवार को होगा
जयपुर –
गणिनी आर्यिका 105 श्री स्वस्ति भूषण माताजी ससंघ का बुधवार, 20 अप्रैल को बैण्ड बाजों के साथ जवाहर नगर के श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में भव्य मंगल प्रवेश होगा ।इस मौके पर धर्म सभा सहित कई आयोजन होगें।
स्वस्ति भूषण प्रवास व्यवस्था समिति जयपुर के महामंत्री विनोद जैन ‘कोटखावदा’ एवं संयोजक चेतन जैन निमोडिया ने बताया कि बुधवार, 20 अप्रैल, 2022 को प्रातः 7.30 बजे माताजी ससंघ का जनता कालोनी से मंगल विहार होकर जवाहर नगर के श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर सैक्टर 7 में प्रातः 8.30 बजे भव्य मंगल प्रवेश होगा ।प्रातः 9.00 बजे से धर्म सभा एवं अन्य आयोजन किये जायेंगे।सायकांल सांस्कृतिक कार्यक्रम के बाद गुरु भक्ति,आनन्द यात्रा एवं महाआरती के आयोजन किये जायेंगे । गुरुवार, 21 अप्रैल, 2022 को जवाहर नगर दिगम्बर जैन मंदिर में प्रातः 6.30 बजे से अभिषेक, शांतिधारा के बाद प्रातः 8.00 बजे नव निर्मित जैन भवन का लोकार्पण एवं संत भवन का शिलान्यास माताजी ससंघ के सानिध्य में दानवीर भामाशाह समाजश्रेष्ठी श्री अशोक जी पाटनी आर के मार्बल किशनगढ के कर कमलों से होगा।धर्म सभा के बाद आहार चर्या होगी।तत्पश्चात समाज बन्धुओं के लिए सामूहिक वात्सल्य सहभोज रखा गया है।सायकांल गुरु भक्ति, आनन्द यात्रा एवं महाआरती के आयोजन किये जायेंगे
इससे पूर्व माताजी ससंघ का मंगलवार 19 अप्रैल को प्रातः 7.00 बजे आदर्श नगर के मुल्तान दिगम्बर जैन मंदिर से मंगल विहार कर जनता कालोनी के श्री दिगम्बर जैन मंदिर में भव्य मंगल प्रवेश हुआ।

इस मौके पर मंदिर कमेटी एवं महिला मण्डल
द्वारा भव्य अगवानी की गई। मंदिर दर्शन एवं धर्म सभा के बाद माताजी ससंघ गणिनी आर्यिका स्वस्ति भूषण माताजी प्रवास व्यवस्था समिति जयपुर के मुख्य समन्वयक कमल बाबू जैन के निवास 18,सवाई पाव की बगीची, जनता कालोनी पहुंची जहां जयपुर की विभिन्न कालोनियों के समाज बन्धुओं एवं अनोपडा परिवार के सदस्यों द्वारा माताजी ससंघ का भव्य अगवानी की गई।
इस मौके पर आयोजित धर्म सभा में मंगल प्रवचन देते हुए माताजी ने कहा कि भारतीयों को पश्चिमी सभ्यता की नकल नहीं करनी चाहिए। आज भारत देश की सभ्यता को पूरे विश्व के लोग अपना रहे हैं और हम है कि पश्चिमी देशों की नकल कर रहे हैं। आज हर मर्म की दवा धर्म है। धर्म के बल पर हमें हमारे जीवन में ख़ुशियों की प्राप्ति होती है। हमारी सारी बीमारिया दूर होती है। घरों में पोजिटिव उर्जा आती है। धर्म हमें जीना सिखाता है। हमारी मन रुपी गाडी क्रोध, मान, माया, लोभ, घमंड, ईर्ष्या आदि से डगमगा जाती है लेकिन धर्म इन सबसे हमें बचाता है। अतः धर्म की राह पर मजबूती से चलना चाहिए।
संकलन अभिषेक जैन लुहाडीया रामगंजमंडी
