निवाई में जिनोदय युवा संघ की भक्ति की गूंज,भाद्रपद मास में सेकंडों युवाओं ने किया महा मस्तकाभिषेक
निवाई –
भाद्रपद मास का पावन समय जिसे जैन धर्म में अनंत पुण्य संचय का श्रेष्ठ अवसर माना जाता है, इस वर्ष जैन समाज निवाई के जिनोदय युवा संघ के युवा सदस्यों ने बिचला जैन मंदिर में भक्ति और समर्पण के अद्वितीय उदाहरण से सुशोभित किया।
बिचला जैन मंदिर के तेरापंथी मंदिर निवाई में संघ के सभी सदस्यों ने श्रद्धा और भावना से अभिषेक व शांतिधारा की।
जैन धर्म प्रचारक विमल जौंला एवं राकेश संधी ने बताया कि मंगलवार को जैन मंदिर में पण्डित सर्वज्ञ शास्त्री के मंत्रोच्चार द्वारा भगवान सुपार्श्वनाथ जी, भगवान शांतिनाथ जी, भगवान पार्श्वनाथ जी एवं भगवान महावीर स्वामी जी के क्षीरसागर के जल से चारो दिशाओं में मस्तकाभिषेक करके जिनोदय युवा संध के सभी युवाओं ने शांतिधारा की। इस दौरान संध के सभी युवाओं ने भजनों के साथ तीर्थंकरों की आराधना की। इस अवसर पर संध के अक्षय पांडया, यश संधी, अर्पित लटुरिया, ने बताया कि धर्मप्रेम और सामूहिक भक्ति का यह अद्भुत दृश्य न केवल मंदिर परिसर को पवित्र कर गया, बल्कि सभी के अंतर्मन में शांति, संतोष और आत्मिक बल का संचार कर गया।
जिनोदय युवा संघ के इस सामूहिक भक्ति आयोजन ने यह सिद्ध कर दिया कि जब युवा धर्म से जुड़ते हैं, तो समाज में अध्यात्म का प्रकाश और अधिक प्रखर हो उठता है।
आज के भौतिकवादी युग में, ऐसे आयोजन न केवल परंपरा को जीवित रखते हैं बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भी धर्म की गहराई से जोड़ते हैं। जिनोदय युवा संघ ने भक्ति एकता और कर्मयोग का जो उदाहरण प्रस्तुत किया है, वह निश्चय ही अनुकरणीय है। इस पुण्य के प्रभाव से संघ और नगर, दोनों ही आध्यात्मिक उन्नति की ओर अग्रसर होंगे। उन्होंने बताया कि भक्ति में ही शक्ति है, और शक्ति से ही मुक्ति है।

