संतान को जन्म दैना एक क्रिया नहीं, एक साधना है”-मुनि श्री प्रमाण सागर ने किया केशलोच 

धर्म

संतान को जन्म दैना एक क्रिया नहीं, एक साधना है”-मुनि श्री प्रमाण सागर ने किया केशलोच 

भोपाल (अवधपुरी)

सोमवार को मुनि श्री प्रमाण सागर महाराज ने प्रातः केशलोंच किया एवं मौन के साथ मुनि श्री का उपवास रहा प्रवक्ता अविनाश जैन विद्यावाणी ने बताया विगत सांयकालीन शंकासमाधान में मुनि श्री ने कही प्रश्नों के सार्थक समाधान दिये जिसमें एक महिला ने प्रश्न पूछा “स्त्री के जीवन में मां बनना एक गर्व की अनूभूति है,इस अनूभूति को कैसे सार्थक करें”? मुनि श्री ने समाधान करते हुये कहा कि आपके माध्यम से उन सभी गर्भवती महिलाओं को कहना चाहता हुं कि आप लोग नौ मिनट का भावनायोग प्रतिदिन अवश्य करें, बन सके तो यह प्रयोग दिन में तीन बार करें, मुनि श्री ने कहा कि यह एक ऐसा प्रयोग है जिससे आपकी कोख से आने वाली संतान शारीरिक, मानसिक,भावनात्मक,तथाआध्यात्मिक रूप से मजबूत होकर जन्म लेगी उन्होंने कहा कि एक गर्भवती स्त्री को अपना जीवन संयम और बृह्मचर्य के साथ बिताना चाहिये, ललित कलाओं आमोद प्रमोद की बातों तथा महापुरुषों के चरित्र चिंतन को पड़ना चाहिये जिससे आप अंदर से अच्छी प्रेरणा पाए तथा आपके अंदर सकारात्मकता विकसित हो ऐसे समय पर नकारात्मक बातों- क्लेश और झगड़ों तथा टीवी आदि के कार्यक्रम से दूर रहना चाहिये,अपने मन में आंतरिक हर्ष और प्रसन्नता का भाव रखना चाहिये क्योंकिआपके पेट में पलने वाले बच्चे पर इन सभी बातों का असर पड़ता है, यदि आपने ऐसा कर लिया तो आप मात्र एक संतान को ही जन्म नहीं दोगी बल्कि एक श्रैष्ठ मां बनकर इस धरती के भूषण को जन्म देने का सौभाग्य हासिल करोगे

 

 

 

“संतान को जन्म देना एक क्रिया नहीं एक साधना है” जो इस साधना में मिश्रित होता है,वह एक मां बनने में गर्व की अनूभूति को हासिल करती है। मुनि श्री ने कहा कि आगे आने वाले दशलक्षण पर्व के दस दिनों में लोग सुबह से लेकर शाम तक धार्मिक क्रियायें करते है,यदि इन दस दिनों में कोरी क्रियायें न करते हुये कुछ प्रयोग भी करेंगे तो अपने आप में बहुत बड़ा परिवर्तन महसूस करेंगे यहा अवधपुरी में आयोजित श्रावक संस्कार शिविर में प्रतिदिन प्रातः भावनायोग कराया जायेगा इसका लाईव प्रसारण 5:45 से प्रातः प्रमाणिक एप पर होगा।एवं इन दस दिनों में व्यापारियों/ उद्यमियो तथा बच्चों के लिये अलगअलग होगा।

 

 

 

 मुनि श्री ने कहा इन दस दिनों तक आप सभी श्रावक संस्कार शिविर में आकर यहा प्रत्यक्ष लाभ लें तो बहुत अच्छा है, नहीं आ पा रहे है तो अप्रत्यक्ष रुप से घर पर भी नियमित साधना करें

 

अविनाश जैन विद्यावाणी) से प्राप्त जानकारी संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

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