भट्ठारक श्री प्रमेय सागर स्वामी की गृहस्थ अवस्था की माता श्री क्षुल्लिका 105 विश्रुतश्री माताजी़ की दीक्षा उपरांत हुई समाधि
सूरत
विचार भट्ठारक*श्री प्रमेय सागर जी स्वामी जी की गृहस्थ अवस्था की मां जन्म दात्री श्रीमती छोटी बाई जैन बन क्षुल्लिका105 विश्रुतश्री माताजी़़़़़ मां के बरसों का इंतजार हुआ पूरा बरसों की तप साधना का मिला प्रतिफल और उन्हें आर्यिका रत्न105 श्री विबोध श्री माताजी के कर कमलों द्वारा एवम आचार्य श्री108 प्रज्ञा सागर जी महाराज के आशीर्वाद से एवं आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज के आशीर्वाद से एवं उनके मुखारविंद से उनका नामकरण सूरत श्री आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर पर्वत पाटिया में दीक्षा सानंद संपन्न हुई।
6 अगस्त आज प्रातः काल 6:10 पर माताजी की निर्दोष समाधि मरण हो गया है जिनका पूर्ण शास्त्रों विधि के द्वारा अंतिम संस्कार विधि श्री अतिशय क्षेत्र विद्यानंद जी स्वामी कतारगाम में सूरत में की गई।

संकलित जानकारी के साथ अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट 9929747312
