मुनिश्री सुधासागर महाराज का श्रीमंत ज्योतिरादित्य सिंधिया ने लिया आशीर्वाद
राघौगढ़
राघौगढ़ ये कोई साधारण पंच कल्याणक नहीं है आज जो पंच कल्याणक हो रहें हैं ये भक्तों के कल्याण के लिए हो रहे हैं ये मन्दिर भक्तों के लिए बन रहा है भगवान श्री संभवनाथ स्वामी यहां आपके लिए आयें है ये धाम आपके लिए वरदान सिद्ध हो इस निमित्त की सिद्धि से आप को अपने जीवन को बदल है आज ऐसे महापुरुष के पंच कल्याणक जिन्होने जगत कल्याण की कामना की वही रावण जैसे कुछ पापी होते हैं जिन्हें लोग हर वर्ष दशहरा मैदान में ले जाकर जलाते है हर वर्ष मारते हैं और जलाते हैं आज लाखों वर्षों बीत जाने पर भी चल बुराई को छोड़कर अच्छाई की चर्चा हो रही अब अच्छे व्यक्ति की चर्चा कर लेते हैं लाखों वर्ष पहले एक आत्मा ने परम वीतरागी पथ पर प्रस्थान किया और घनघोर तपस्या करके परम पावन पद को प्राप्त किया लोग तीर्थंकर बनने का भाव कम करते हैं भगवान के माता-पिता वनने का भाव अधिक करते हैं।
जीवन में कुछ बनो ना बनों एक बार भगवान के माता पिता जरूर बनना

महाराज श्री ने कहा कि जीवन में लोग तीर्थंकर बनने का भाव कम करते हैं लेकिन भगवान के माता-पिता बनने का भाव अधिक करते हैं उन्हें पता है कि तीर्थंकर भगवान तो तपस्या करते हैं लेकिन माता पिता बनने में बहुत यश मिलता है साल में हजारों पंच कल्याणक होते हैं सभी भगवान के माता-पिता बनना चाहते है यह उद्गार मुनि पुंगव श्रीसुधासागरजी महाराज ने पंच कल्याणक महा महोत्सव के ध्वजारोहण समारोह को संबोधित करते हुए व्यक्त किए ध्वजारोहण का सौभाग्य सुरेश चंद्र गंज बासौदा परिवार को मिला।

अपनी लकीर को लम्बा करने की सीख जैन समाज देता है – सिंधिया
केन्द्रीय मंत्री श्रीमंत ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि मैं आज परम पूज्य निर्यापक श्रमण मुनि पुंगव श्रीसुधासागरजी महाराज का आशीर्वाद प्राप्त करने आया हूं जैन समाज से एक सबसे बड़ी सीख ली अपनी लकीर को लम्बा करें दुसरे की लकीर मिटाने की कोशिश ना करें दूसरा क्षमा मांगना क्षमा करना तो सरल है क्षमा मांगना बहुत कठिन है जो काम हम राजनीतिज्ञो को करना चाहिएवह सीख सारे विश्व को दी।



अपने जीवन का लक्ष्य लोगों की प्रगति लोगों का उत्थान होना चाहिए ऊपर वाले का कब बुलावा आ जाये कह नहीं सकते आज किसी को कल किसी को जाना तो है ही हम सब अपनी तैयारी कर लें मैं यहां परम पूज्य आध्यात्मिक संत निर्यापक श्रमण मुनि पुंगव श्रीसुधासागरजी महाराज का आशीर्वाद प्राप्त करने आया हूं उन्होंने कहा कि आपने कितने दिल जीते इस दुनिया में हम निर्वस्त्र हम आये है और निर्वस्त्र ही जायेगा। उन्होंने महाराज श्री का आशीर्वाद प्राप्त करते हुए उनके चरणों का पद प्रक्षालन भी किया। संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
