6 अप्रैल 2017 मुनि श्री विनीत साग़र महाराज व चद्रप्रभ सागर जी का रामगंजमडी प्रथम बार आगमन स्म्रति का झरोखा

धर्म

6 अप्रैल 2017 मुनि श्री विनीत साग़र महाराज व चद्रप्रभ सागर जी का रामगंजमडी प्रथम बार आगमन
स्म्रति का झरोखा
रामगंजमडी
6 अप्रैल 2017 रामगंजमडी नगर के लिए एक महत्वपूर्ण दिन है। जी हां इस दिन की संध्या बेला में रामगंजमडी नगर सचमुच धन्य हो गया,जी हा पल था विश्व वन्दनीय आचार्य श्री विद्यासागर महाराज के परम शिष्य चतुर्थ कालीन चर्या धारी पूज्य मुनि श्री विनीत सागर महाराज व एक उपवास एक आहार की साधना रत त्याग तप की प्रतिमूर्ति पूज्य मुनि श्री चंद्रप्रभ सागर महराज अगवानी रामगंजमंडी नगर में हुई। आचार्य श्री विद्यासाग़र महाराज के उपवन के राजहंस के अनुपम मोती मुनि द्वय की अगवानी हुई। जैसे ही रामगंजमंडी की सीमा मे मुनि संघ का आगमन हुआ, कमल फिलिंग स्टेशन पेट्रोल पंप पर पहुँचकर भक्तो ने अभूतपूर्व आगवानी की, पुलकित हृदय से नगर वासियो ने आचार्य विद्यासागर जी महाराज की जय, मुनि संघ की जय। गगन भेदी दिव्य उदघोष से गूँज उठी। साथ ही वहा से नगर भ्रमण के साथ मुनि संघ को जिनमंदिर लाया गया। जगह जगह मुनि संघ का पाद प्रक्षालन किया गया। आलम यह था की, पूज्य मुनि संघ की मंगल आरती में युवा शक्ति भी भक्ति मे सराबोर देखी गयी। सचमुच रामगंजमडी नगर अपने को धन्य मान रहा था। जी हा हो क्यो न,सचमुच ऐसे महान संतो का आगमन अनन्त पुण्य से प्राप्त होता है।
वही पूज्य संघ ने जिनमंदिर मे शांतिनाथ प्रभु की अतिशय कारी प्रतिमा का दर्शन किये,और जिनालय के दर्शन किये।
संयम का महत्व बताया
उसके उपरांत मुनि श्री ने आशीर्वचन स्वरुप उदबोधन देते हुए संयम का जीवन मे महत्व बताया प्राप्त संकलन दृश्य के साथ अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी

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