तपोभूमि प्रणेता आचार्य श्री प्रज्ञा सागर जी महाराज का मंगल विहार तपोभूमि उज्जैन से राजस्थान की और हुआ विक्रम विश्वविद्यालय के बच्चों ने आचार्य श्री को प्रणाम कर वृक्ष लगाने का लिया संकल्प

धर्म

तपोभूमि प्रणेता आचार्य श्री प्रज्ञा सागर जी महाराज का मंगल विहार तपोभूमि उज्जैन से राजस्थान की और हुआ विक्रम विश्वविद्यालय के बच्चों ने आचार्य श्री को प्रणाम कर वृक्ष लगाने का लिया संकल्प
उज्जैन
तपोभूमि प्रणेता आचार्य श्री 108प्रज्ञा सागर जी महाराज का तपोभूमि उज्जैन से राजस्थान की और विहार प्रारंभ हुआ।विहार के सर्वप्रथम पड़ाव में विक्रम विश्वविद्यालय डिपार्मेंट में 1100 वृक्ष एवं जल संवर्धन का भव्य कार्यक्रम हुआ जिसमें एनसीसी के बच्चों ने आचार्य श्री को प्रणाम करते हुए वृक्ष लगाने का संकल्प लिया इसके साथ ही विक्रम विश्वविद्यालय के प्राध्यापक एवं शिक्षकों ने भी वृक्ष एवं जल संवर्धन का संकल्प लिया। मंगल विहार से पूर्व तपोभूमि पर समाधिस्थ पूज्य मुनि श्री 108पूज्य तीर्थ सागर जी महाराज की चरण छतरी की स्थापना तपोभूमि पर की गई।

 

आचार्य श्री ने वृक्ष लगाने की प्रेरणा देते हुए कहा कि अपने घर की हर खुशी में एवं मां बाप के नाम से एक पेड़ अवश्य लगे, धरती मां के जल का उपयोग कम करें एवं आसमान के जल को अवश्य बचाए

आचार्य श्री प्रज्ञा सागर जी महाराज का उज्जैन की तपोभूमि से राजस्थान की और विहार प्रारंभ हुआ विहार में सर्वप्रथम तपोभूमि प्रांगण में मुनि श्री पूज्य तीर्थ सागर जी महाराज की छतरी एवं चरण की स्थापना की गई तत्पश्चात पैदल विहार करते हुए आचार्य श्री संघ के साथ विक्रम विश्वविद्यालय के डिपार्टमेंट प्रांगण में पहुंचे जहां पर पर्यावरण को लेकर मेरा जल मेरा जीवन एवं 1100 पौधों का रोपण का शुभारंभ का कार्यक्रम आयोजित हुआ।

कार्यक्रम संयोजक सचिन कासलीवाल ने बताया कि आचार्य श्री प्रज्ञा सागर जी महाराज विक्रम विश्वविद्यालय डिपार्टमेंट प्रांगण में पहुंचे जहां उनका कुलगुरु अर्पण भारद्वाज एवं अन्य प्राध्यापक शिक्षक और एनसीसी के सैकड़ो विद्यार्थियों ने श्रीफल भेंट कर पाद प्रक्षालन किया अर्पण भारद्वाज जी ने उज्जैन से संबंधित कई विषयों पर जानकारी देते हुए चल रहे पर्यावरण के कार्यक्रम के अंतर्गत मेरा जल मेरा जीवन एवं 1100 वृक्षारोपण कार्यक्रम के संदर्भ में बताते हुए आचार्य श्री के सानिध्य में कार्यक्रम हुआ।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अशोक जैन चायवाला, विनीता कासलीवाल,राजेंद्र लुहाड़िया एवं विक्रम विश्वविद्यालय प्राध्यापक व शिक्षक रहे।

 

महाराज श्री के समक्ष एनसीसी के प्रत्येक बच्चों ने साल में दो वृक्ष लगाने का संकल्प लिया एवं प्रोफेसर ने किसी ने 10000 तक किसी ने 5000 और किसी ने 100 वृक्षों को लगाने तक का संकल्प लिया एवं जल संवर्धन के लिए मेरा जल मेरा जीवन में पानी को संचय करने का संकल्प भी लिया।

आचार्य प्रज्ञा सागर जी महाराज ने प्रवचन में कहा कि हमें धरती मां का जल को निकाल कर संचय करने की आवश्यकता नहीं है हमें आसमान से जो गिरता हुआ जल है उसका संरक्षण करना है उसको बचाना है तभी हमारा मेरा जल मेरा जीवन का उद्देश्य पूरा होगा हमें विवाह, जन्मदिन या शुभ कार्यों में केक काटने की आवश्यकता नहीं है केक काटते काटते हम पेड़ भी काटने लगे हमें संकल्प लेना होगा कि हम पेड़ कांटे नहीं बल्कि हर व्यक्ति को जीवन में पेड़ लगाना आवश्यक है वह भी फलदार पेड़ लगाना चाहिए ताकि उसका उपयोग हर प्राणी मात्र के लिए उपयोगी हो, देश सुरक्षित नहीं है तो धर्म सुरक्षित नहीं है एनसीसी के बच्चों को देखकर अच्छा लगा इनकी रगों में धर्म भक्ति का नहीं देशभक्ति का रक्त दौड़ रहा है जिस समय सेवा में आपकी भर्ती होगी उसे समय देश की सेवा के लिए क्या मालूम कौन सा ऑपरेशन चल रहा होगा जो देश की रक्षा के लिए आप करेंगे आप लोगों को भी कुछ कर गुजरने का अवसर प्राप्त हो।

 

कर्नल सोफिया और व्योमिका सिंह जैसे आप बनेंगे आपको एनसीसी में आकर देश की सुरक्षा का संकल्प लेने का काम करना है। मेने धर्म के लिए घर छोड़ा तो तुम लोग देश के लिए घर छोड़ देना ।

उन्होंने कहा अर्पण भारद्वाज जी कुलगुरु है तो मैं धर्मगुरु हूं यह शिक्षा देते हैं तो मैं धर्म शिक्षा देता हूं प्रवचन के माध्यम से आचार्य श्री ने और भी कई संकेत देश एवं बच्चों को दिए

तत्पश्चात महाराज श्री ने मेरा जल मेरा जीवन एवं 1100 वर्षों का रोपण का शुभारंभ कार्यक्रम करवायाआचार्य प्रज्ञा सागर जी महाराज ने
ऊं श्रीं श्री वृक्ष वृक्षक्षा: नमः
मंत्र का उच्चारण भी कराया।

वृक्षों का रोपण करते हुए महाराज श्री ने भगवान के 1008 नाम में से वृक्ष के नाम का मंत्र बताते हुए सभी से इसका उच्चारण कराया
ऊं श्रीं श्री वृक्ष वृक्षक्षा: नमः
मंत्र का उच्चारण भी कराया

कार्यक्रम में विशेष तौर पर तपो भूमि परिवार एवं जैन समाज व कई गणमान्य नागरिक पत्रकार साथी प्रोफेसर शिक्षक विद्वान आदि लोग मौजूद थे।

राजस्थान की और विहार के कार्यक्रम में आने आग्रह संस्थापक अध्यक्ष अशोक जैन चायवाला,अध्यक्ष दिनेश जैन (सुपर फार्मा),सचिव संजय बड़जात्या,कोषाध्यक्ष,देवेन्द्र सिघंई,कार्याध्यक्ष इंदरमल जैन,उपाध्यक्ष धर्मेन्द्र सेठी, राजेंद्र लुहाड़िया,सहसचिव हितेष जैन,सह कोषाध्यक्ष गिरीश बिलाला,ग्रंथालय प्रभारी अनिल कासलीवाल,मंदिर व्यवस्था प्रभारी विमल जैन,अनिल जैन,संरक्षक कमल मोदी,पवन बोहरा सुनील जैन (ट्रांसपोर्ट) एवं प्रज्ञा कला मंच अध्यक्ष निशि जैन,सचिव रश्मि सेठी,प्रज्ञा युवा मंच अध्यक्ष पलाश लुहाड़िया, सचिव निखिल विनायक, प्रज्ञा पुष्प मंच अध्यक्ष अवनी जैन, सचिव तनिषा जैन प्रज्ञा बाल मंच अध्यक्ष काव्य सेठी, सचिव आराध्य जैन, व तपोभूमि परिवार आदि कई लोग उपस्थित थे एवं तपोभूमि पर अन्य स्थान पर होने वाले कार्यक्रम में सम्मिलित होने का सभी ने आग्रह किया।

 

सचिन कासलीवाल
9425195544 उज्जैन से प्राप्त जानकारी संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

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