*मुनि श्री चारित्र सागर जी की समाधि स्थल का आचार्य श्री 108 विशुद्ध सागर महाराज ने किया अवलोकन*
सनावद
आचार्य श्री वर्धमान सागर जी सहित अनेक संतों की जन्म नगरी सनावद में* चर्या शिरोमणि 108 आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी का आगमन अपने 75 शिष्यों के साथ हुआ।
नगर में प्रवेश करते ही सर्वप्रथम गुरुवर के पाद प्रक्षालन चारित्र सागर जी की समाधि स्थल पर जल दूध और केशर के जल से किए गए एवम अर्घ्य समर्पण किए गया।

अजय पंचोलिया ने बताया कि पूज्य गुरुदेव विशुद्ध सागर जी ने पूरी जगह का अवलोकन करते हुए जल एवं पुष्पों को मंत्रित करते पूरी जगह का शुद्धिकरण किया एवम ऊर्जानवीत की गई। समाधि स्थल पर पूरा संघ आकर काफी समय तक रुका।
प्रफुल्ल जैन,राजेश जटाले, मनीष जैन महल ,राजेश रेल्वे, सलीत जैन,नरेंद्र भारती, बसंत पंचोलिया,कमल के.के. लोकेंद्र जैन,महावीर जैन सहित बड़ी संख्या में मुनिभक्तो ने गुरुदेव की आगवानी करते हुए चरणामृत मस्तक पर लगाया।
पश्चात पूरा संघ सनावद नगर की ओर बिहार कर गया।
अजय पंचोलिया से प्राप्त जानकारी
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312





