आर्यिका 105 पूर्णमति माताजी उत्तर प्रदेश में राजकीय अतिथि घोषित राज्यसभा सांसद नवीन जैन आगरा के पत्र पर हुई सकारात्मक एवं त्वरित कार्रवाई

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आर्यिका 105 पूर्णमति माताजी उत्तर प्रदेश में राजकीय अतिथि घोषित राज्यसभा सांसद नवीन जैन आगरा के पत्र पर हुई सकारात्मक एवं त्वरित कार्रवाई
आगरा
परम पूज्य आचार्य श्री 108 विद्यासागर महाराज की परम शिष्या आर्यिका 105 पूर्णमति माताजी को उत्तर प्रदेश सरकार ने राजकीय अतिथि घोषित किया है।
राज्यसभा सांसद श्री नवीन जैन आगरा के पत्र पर सकारात्मक त्वरित कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा पूर्णमति माताजी के उत्तर प्रदेश प्रवास मंगल विहार के दौरान उन्हें राजकीय अतिथि का दर्जा प्रदान किया गया है। इस घोषणा से संपूर्ण भारतवर्ष की जैन समाज में हर्ष की लहर है एवं उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ का आभार एवं धन्यवाद ज्ञापित किया है।

 

राज्यसभा सांसद नवीन जैन आगरा ने उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार से माताजी के लिए राजकीय अतिथि घोषित करने हेतु एक पत्र लिखा यह पत्र उन्होंने 14 अप्रैल 2025 को मुख्यमंत्री को लिखा।

श्री जैन ने पत्र में लिखा सेवा में श्री योगी आदित्यनाथ जी माननीय मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश
विषय दिगंबर जैन संप्रदाय के सर्वोच्च संत आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महाराज की प्रमुख शिष्या सुप्रसिद्ध आध्यात्मिक साध्वी आर्यिकारत्न श्री 105 पूर्णमति माताजी को राजकीय अतिथि का सम्मान दिए जाने के संबंध में

परम आदरणीय महोदय
अत्यंत हर्ष का विषय है कि दिगंबर जैन संप्रदाय के सर्वोच्च संत आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज की प्रमुख शिष्या सुप्रसिद्ध आध्यात्मिक साध्वी आर्यिकारत्न 105 पूर्णमति माताजी जो वर्तमान युग में भी कठिन तपस्या एवं साधना में लीन रहती है, ऐसी पूज्या आर्यिका माताजी का प्रथम बार उत्तर प्रदेश राज्य में पदार्पण हुआ है और दिनांक 15 अप्रैल 2025 को धर्म नगरी मथुरा में मंगल प्रवेश होने जा रहा है।

श्री जैन ने पत्र में मांग करते हुए लिखा पूज्या आर्यिका माताजी संयम के 36 वर्षों में भारतवर्ष के राज्यों में लगभग 76000 किलोमीटर से भी अधिक पद विहार करती हुई एवं एक समय का आहार ग्रहण करते हुए निरंतर जैन जीवन को चेतना प्रदान करती हुई निज कल्याण के साथ साथ जन कल्याण का कार्य भी कर रही है। आर्यिका पूर्णमति माताजी केवल जैन संत नहीं अपितु जन जन की संत है। पूज्या आर्यिका माताजी के माध्यम से शताधिक संस्थाओं को मार्गदर्शन प्राप्त होता है जो सर्वधर्म समभाव की भावनाओं को प्रबल करते हुए कमजोर वर्ग के लोगों को मुख्य धारा में लाने के लिए सदैव प्रयासरत है।

 

अपराधी से नहीं अपराध से घृणा करो कि उक्ति को चरितार्थ करते हुए विभिन्न राष्ट्रीय कारागारों में पूज्या आर्यिका माताजी ने कैदियों को जीवन बोध कराया और उनके जीवन को सुधारने में एक सहायक का कार्य किया है। मुख्य रूप से मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, एवम गुजरात में रहने वाले लगभग 5 लाख से अधिक अजैन परिवारों को शाकाहारी बना दिया जिसके कारण ही गुरु मां आर्यिका पूर्णमति जी शाकाहार प्रवर्तक कहलाती। पूज्या आर्यिका माताजी पूर्वाचार्यों द्वारा वेदों में लिखित सिद्धांतों को वर्तमान में वैज्ञानिकी एवम तकनीकी भाषा से सरल रूप प्रदान कर धर्म से विमुख हुई युवा पीढ़ी में संस्कारों का बीजारोपण करती है। भगवान महावीर, महात्मा बुद्ध एवं गांधी जी द्वारा प्रतिपादित सिद्धांतों का प्रचार प्रसार करने में विशेष रुचि रखती हैं साथ ही साथ डॉक्टर, एडवोकेट, वैज्ञानिक एवं प्रशासनिक अधिकारियों को सामाजिक दायित्व का निर्वहन करने के लिए समय-समय पर मार्गदर्शन प्रदान करती हैं।

उपरोक्त अनेकों अनेक अलंकारों से अलंकृत ऐसी पूज्या आर्यिका माताजी का मंगल पदार्पण प्रथम बार उत्तर प्रदेश राज्य में हुआ है और पूज्या माताजी दिनांक 15 अप्रैल 2025 को धर्म नगरी मथुरा में मंगल प्रवेश करेगी जिससे सभी जैन बंधु अति उत्साहित है अतः समस्त जैन समाज के साथ में स्वयं भी आपसे निवेदन करता हूं कि पूज्या आर्यिका श्री पूर्णमति माताजी को राजकीय अतिथि का सम्मान मिले मैं आपका आभारी रहूंगा।
भवनिष्ट
नवीन जैन
उपरोक्त पत्र पर मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ ने त्वरित कार्यवाही के निर्देश देते हुए गुरु मां को राजकीय अतिथि घोषित किया इस सूचना से संपूर्ण भारतवर्ष की जैन समाज ही नहीं संपूर्ण विश्व की जैन समाज में हर्ष की लहर है यह अपने आप में अहिंसा शाकाहार जीव दया के प्रचार प्रसार में एक अनुकरणीय है पहल माना जा रहा है।

अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट 9929747312

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