जैन संतों ने दिया शाकाहार का संदेश
बांसवाड़ा
आचार्य श्री 108सुंदर सागर जी महाराज के संघस्थ जैन संत सुगम सागर जी महाराज ने दिगंबर जैन महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विकेश मेहता एवं समाज सेवियों को शाकाहार का संदेश देते हुए कहा कि सभी समाजों एवं आम जनता तक यह संदेश पहुंचाएं की जितने भी खाद्य वस्तु बाजार में उपलब्ध हैं उसमें शाकाहारी वस्तुओं की निर्माण सामग्री की पूरी जानकारी लेकर ही उसका उपयोग करना चाहिए।
जैन मुनि सुगम सागर जी महाराज ने पिछले दो वर्षों में बाजार में शाकाहारी टैग लगाकर मांसाहारी वस्तुओं का अंश होने पर अध्ययन कर ये बात कही है ।

उन्होंने कहा कि लोगों को जागरूक होने की आवश्यकता है उन्होंने मेहता से कहा की जन प्रतिनिधि और समाजसेवी सरकार से मांग करे कि ग्रीन सिंबल लगाकर कुछ कंपनियां मांसाहार का अंश खाद्य पदार्थों में डाल रही हैं इसके लिए सभी समाजों को जागृत होना जरूरी है इस अवसर पर समाजसेवी राकेश मेहता सुभाष जैन समेत अन्य गणमान्य उपस्थित थे

मेहता ने इस अवसर पर गुरुदेव का आशीर्वाद लेते हुए कहा कि वह निश्चित रूप से सभी खाद्य पदार्थों के ऊपर मानक चिन्हों का अध्ययन कर भ्रामक जानकारी का पुरजोर विरोध करेंगे और शाकाहार का प्रचार करेंगे।
जैन संत सुगम सागर जी महाराज ने मेहता को शाकाहार संबंधित साहित्य भी प्रदान कियामेहता ने इस अवसर पर अपना परिवार संस्थान द्वारा दिव्यांग जनता के लिए किए जा रहे पीड़ित मानवता के सेवा प्रकल्प की जानकारी भी प्रदान की


