निवाई में वन्डरफुल जैनिज्म एवं प्राउड टू बी सेशन क्लासेज कार्यक्रम आयोजित
निवाई – जैन मुनि समत्व सागर एवं मुनि शील सागर महाराज के सानिध्य में श्री शांतिनाथ दिगम्बर जैन अग्रवाल मंदिर में आयोजित वन्डरफुल जैनिज्म एवं प्राउड टू बी कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें सैकड़ों बालक बालिकाओं ने भाग लिया। जैन धर्म प्रचारक विमल जौंला ने बताया कि मुनि श्री के नेतृत्व में विशेष कार्यक्रम सेशन क्लासेज आयोजित की गई जिसका शुभारंभ समाजसेवी भंवरलाल चांदसेन एवं विमल पाटनी ने गणाचार्य विराग सागर महाराज एवं आचार्य विशुद्ध सागर महाराज के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया। मंगलाचरण सुनीता जैन ने किया। इस दौरान युवा वर्ग एवं बालक बालिकाओं को जैन मुनि द्वारा विघार्थियों के जीवन में धर्म और शिक्षा के बारे में समझाया एवं धर्म से विमुख होता हुआ युवा से मोटिवेशनल स्पीच करवाएं गए। जिसमें साईबर इन्वेस्टिगेटर आदिश गंगवाल ने आज की युवा पीढ़ी एवं साईबर अपराध पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम का संचालन पण्डित सुरेश कुमार शास्त्री ने किया। सुनील भाणजा एवं विमल जौंला ने बताया कि शनिवार को श्रद्धालुओं ने भगवान शांतिनाथ के अभिषेक एवं शांतिधारा करके पूजा अर्चना की। कार्यक्रम के बीच देशभर से आए श्रद्धालुओं ने भाग लिया जिसमें सरावगी समाज टोंक अध्यक्ष रमेश चन्द छाबड़ा प्रकाश चन्द पटवारी राजेश जैन अरिहंत, अशोक छाबड़ा मोनू जैन ज्ञानचंद जैन आदिश गंगवाल भंवरलाल चांदसेन वैभव जैन जयपुर सौरभ काला हेदराबाद नवरत्न टोंग्या शंभु कठमाणा विष्णु बोहरा सुनील भाणजा महावीर प्रसाद जैन सहित अनेक लोगो ने पूजा अर्चना कर श्री फल चडा़कर आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर जैन मुनि समत्व सागर महाराज ने कहा कि अपनी भावनाओं को बदल दो जीवन अपने आप परिवर्तित हो जाएगा। जीने का नाम जो सिखाता है उसी का नाम धर्म है। उन्होंने कहा कि अगर जीवन को बदलना है तो जिनवाणी का रसपान करो। युवाओं से ही धर्म धर्म बड़ता है। और धर्म के साथ ही धन बड़ता है। उन्होंने कहा कि व्यक्ति मन की कलुषता को दूर कर दे तो चेहरे की चमक अपने आप आ जाती है। जैन मुनि समत्व सागर महाराज ने युवाओं को धार्मिक वन्डरफुल जैनिज्म एवं प्राउड टू बी कार्यक्रम में समझाया।
