भीषण शीतलहर एवं कोहरे में मुनिश्री सुधा सागर महाराज संघ सहित 15 किलोमीटर का पैदल विहार कर बांदकपुर पहुंचे
बांदकपुर
निर्ग्रन्थ दिगंबर संत की साधना कोई असाधारण साधना नहीं होती यह निष्प्रही निर्मोही होते हैं। जिनका आकाश अंबर है ऐसे होते हैं दिगंबर संत फिर बात हो निर्यापक संत मुनि श्री 108 सुधा सागर महाराज की तो फिर कहना ही क्या।
पूज्य निर्यापक श्रमण मुनि श्री 108 सुधा सागर महाराज ने संघ सहित दमोह से बुधवार की प्रातः बेला में बांदकपुर की ओर मंगल विहार किया जो लगभग 15किलोमीटर था।
सुबह की बेला में कड़ाके की सर्दी एवं शीत लहर में भी गुरुदेव पैदल बिहार किया जा रहे थे। सच में अद्भुत है दिगंबर संत की साधना जो राग रंग से परे होते हैं। महाराज श्री को 15 किलोमीटर के बिहार में 4 घंटे 15 मिनट का समय लगा।
पारसनाथ दिगंबर जैन मंदिर पहुंचने पर बांदकपुर जैन समाज द्वारा महाराज श्री की पद प्रक्षालन मंगल आरती कर अगवानी की गई। महाराज श्री की आहारचर्या एवम चरण वंदना का लाभ श्रीपाल जैन परिवार को प्राप्त हुआ। दोपहर की बेला में महाराज श्री के द्वारा दिव्य देशना हुई।

इसके बाद मुनि श्री के सानिध्य में बांदकपुर में बनने जा रहे पारसनाथ भगवान के पाषाण से निर्मित होने वाले नवीन मंदिर का भूमि पूजन किया गया। आपको बता दे वर्ष 2024 में पूज्य मुनि श्री के सानिध्य में नवीन मंदिर का शिलान्यास हुआ था।
और पूज्य मुनि श्री ने मंदिर के नया नामकरण करते हुए इस मंदिर का नया नाम पारसधाम किया था।
दोपहर की बेला में महाराज श्री का मंगल विहार बांदकपुर से पिपरिया होते हुए कटनी के लिए हुआ।


मुनि संघ की गुरुवार की आहारचर्या घाटपिपरिया में होगी।
अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट 9929747312
