जिसने कुल या खुद को चलाने की कोशिश की, वह भव पार गया। आचार्य सुनील सागर जी
उदयपुर
आदिनाथ भवन सेक्टर 11 में आचार्य श्री सुनील सागर महाराज ने धर्मसभा संबोधित करते हुए कहा कि जिसने भी संसार को चलाने की कोशिश की, वह हार गया। जिसने कुल या खुद को चलाने की कोशिश की, वह भव पार गया। उन्होने कहा संसार में जो हमेशा सत्य मार्ग पर चलता है, उसका कल्याण निश्चित है। सीख देते हुए अपने उद्बोधन मे कहा जो अपने लिए उपयोगी ना हो। वैसी वृत्ति हमें नहीं करनी चाहिए। साथ ही हमारे जीवन में क्षमा जानने के पुरुषार्थ भाव को मन में रखना चाहिए। क्योंकि इससे कहीं ना कहीं हमारा मोक्ष मार्ग ही प्रशस्त होता है। आचार्य ने कहा कि इत्र का व्यापार करने वालों से आदमी सुगंधित हो जाते हैं। उसी तरह संतो के और गुरुओं के सानिध्य में रहने वालों का चरित्र भी धर्ममयी हो जाता है।
संकलन अभिषेक जैन लुहाडिया रामगंजमंडी
