आवाज के जादुगर बीसीयो प्रकार की आवाज निकाल कर देते है आल्हादित अनोखी प्रतिभा के धनी है यह कलाकार सत्येंद्र शर्मा

धर्म

आवाज के जादुगर बीसीयो प्रकार की आवाज निकाल कर देते है आल्हादित अनोखी प्रतिभा के धनी है यह कलाकार सत्येंद्र शर्मा
बांसवाड़ा
एक व्यक्ति में हजारो कलाओं का समावेश होता है परंतु यह कला को परखा तब जाता है जब इसका प्रदर्शन होता है । इन दिनों ठंड के समय में भी वीरोदय तीर्थ पर जहां रात्रिकालीन में जंगल में मंगल कोई कर रहां है तो वह है नाटक कलाकार सत्येंद्र शर्मा एंड पार्टी जो लोगों को ठंडी रातो में भी देर रात तक बैठने को विवश कर देता है ।
जानते हैं कैसे – बीजनोर हस्तिनापुर दिल्ली से आए सत्येंद्र शर्मा एंड पार्टी

   
जब जब भी नाटक का मंचन करते है लोग दांतों तले उंगलियां दबाने लगते है क्योंकि इनके नाटक में किसी भी कलाकार के पास कोई भी माइक नहीं होता, स्वयं ग्रुप के मुखिया सत्येंद्र शर्मा ही सारे पात्रों की आवाज अपने मुख से निकालते है फिर चाहे वो कितने भी पात्र हो, ओर फिर चाहे वो वृद्ध पिता, चाहे वृद्ध माता, चाहे पिता पुत्र का संवाद, चाहे माता ओर पुत्र का संवाद, चाहे राक्षस, चूड़ेल, चाहे वो किसी भी जानवर की आवाज इफेक्ट के साथ प्रदर्शित करते है ओर इस पूरे कार्यक्रम मे केवल आवाज का ही जादू नहीं चलता वरन प्रत्येक कलाकार अपनी पूरी वेशभूषा के साथ अपनी एक्टिंग (कलाकारी) दिखाते है। ।
परिचय
बचपन से अपने मामा मनोज शर्मा से विरासत मे मिली प्रतिभा को 2012 मे कंठस्थ कला केंद्र के नाम से संचालित कर पूरे देश मे सालभर मे लगभग 200 से अधिक नाटक नाटिकाओ का मंचन करते है । सिर्फ नवरात्रि में रामायण का मंचन करते है । सत्येन्द्र शर्मा ने बताया की इस पूरी टीम मे 10 लोग शामिल है । जिसमे पत्नी ज्योति शर्मा, भाई सचिन शर्मा के साथ साथ परिवार के अन्य सूरज शर्मा, हिमांशु, कृष्णा, प्रकाश, सागर ओर सोनू भी शामिल है ।

मोनो एक्टिंग को अलग पहचान देने वाले सत्येन्द्र शर्मा ने बताया की जैन जाती का ना होने के बावजूद साल में 99 परसेंट काम जैन धर्म का करते है । जैन धर्म में सती अंजना, महासती मैना सुंदरी,अंजन चौर आदि कई प्रकार के कथानक भरे पडे है जिनको करने से मन आल्हादित हो जाता है । ओर हमारी पूरी टीम मे कोई भी जैन नहीं है फिर भी 30 से 40 प्रतिशत अपना जीवन जैन सिद्धांतो पर व्यतीत करते है ओर नाटिकाओ के माध्यम से धर्म की प्रभावना करते है ।

 

शर्मा ने बताया कि मंचन के माध्यम से नशा छोडना,पानी बचाओं,भ्रुण हत्या का विरोध,प्रकति की रक्षा करो आदि कई प्रकार के आयोजन कर लोगों को जागरूक करते है।
श्रावक श्रेष्ठी बदामीलाल वोरा परिवार द्वारा आयोजित श्री सिद्ध चक्र महामंडल विधान में बाहर से पधारे नाटक कलाकार टीम सत्येंद्र शर्मा एंड पार्टी कंठस्थ कला केंद्र दिल्ली द्वारा विधान के हर दिन लघु एवं रात्रिकालीन बड़े नाटिका का मंचन होता है ।

एवीएस परिवार के प्रवक्ता संकेत जैन ने बताया की वागड़ का हर गाव धार्मिक आस्थाओं से जुड़ा हुआ ओर जैन धर्म मे विधान मे लोगो के जोड़ने हेतु बीच बीच मे धार्मिक नाटक नाटिकाओ का मंचन किया जाता है । ताकि लोग धार्मिक आयोजनो से जुड़े रहे है ।

 

यहा साल भर मे कई विधान ओर धार्मिक अनुष्ठान होते है । जिनमे नाटक कलाकार भी आते है लेकिन कंठस्थ कला केंद्र दिल्ली की

 

 

बात ही कुछ अलग है ।
संकेत जैन प्रवक्ता एवीएस परिवार से प्राप्त जानकारी के साथ अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट 9929747312

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