
पूज्य आचार्य श्री प्रज्ञा सागर महाराज का यह चातुर्मास पर्यावरण को रहा समर्पित 26 दिसंबर को आचार्य संघ सन्निधि में अतिशय क्षेत्र कैथूली में पार्श्वनाथ जयंती मनाई जाएगी
झालरापाटन
परम पूज्य आचार्य श्री 108 तपोभूमि प्रणेता प्रज्ञा सागर महाराज का झालरापाटन का यह वर्षा योग ऐतिहासिक चातुर्मास रहा इस चातुर्मास ने कई आयाम लिखें।
23 दिसंबर को अतिशय क्षेत्र कैथुली के लिए होगी ऐतिहासिक पदयात्राप्रारंभ।

परम पूज्य अचार्य संघ सानिध्य में ऐतिहासिक पदयात्रा झालरापाटन से 23 दिसंबर दोपहर की बेला में अतिशय क्षेत्र कैथुली के दिए रवाना होगी जो लगभग 50 किलोमीटर की होगी। जो बहुत ही
ऐतिहासिक होगी। भगवान शांतिनाथ से लेकर भगवान पार्श्वनाथ की यह ऐतिहासिक पदयात्रा होगी। 23 दिसंबर को प्रारंभ होने वाली इस पदयात्रा में धार्मिक सामाजिक संगठनों एवं समाज बंधुओ की उपस्थिति रहेगी। इस पदयात्रा में डीजे, दोऊंट गाड़ी, दो बग्गी, दो घोड़े सहित अनेक आकर्षण इस पदयात्रा में होंगे।
आपको बता दें कि पूज्य आचार्य श्री का वर्ष 2024 का वर्षा योग
पर्यावरण को समर्पित रहा और अब उन्हें पर्यावरण संरक्षक के रूप में भी जाने जाने लगा है। आचार्य श्री
की प्रेरणा से 19 जुलाई को
अवध वाटिका में सभी सामाजिक संगठनों समाज बंधुओ ने लगभग 5000 पौधों का पौधारोपण किया। और धरती को हरा भरा बनाने का संकल्प लिया। आचार्य श्री ने शहर को हरित बनाने के लिए नगर पालिका द्वारा किए गए प्रयासों की भी जमकर सराहना की।
इतना ही नहीं आचार्य श्री ने मूक बधिर पशु पक्षियों के दाने की व्यवस्था करने हेतु जन जागरण अभियान चलाकर चौपाटी के समीप भामाशाहों और नगर पालिका झालरापाटन के सहयोग से 2500 से अधिक पक्षियों के रहने के लिए पक्षी घर का निर्माण कर जीव दया परोपकार के क्षेत्र में एक अनुकरणीय पहल की।
आचार्य श्री की प्रेरणा आशीर्वाद से 11000 स्क्वायर फीट में एक विशाल मंदिर का निर्माण प्रारंभ किया गया यह मंदिर तीन मंजिला होगा, जिसमें त्रिकाल चौबीसी मंदिर, सम्मेद शिखर तीर्थ की रचना यह मंदिर कल्पतरु पार्श्वनाथ नसिया में बनकर तैयार होगा जिसका कार्य युद्ध स्तर पर जारी है।
यूं कहे तो यह चातुर्मास संस्कारों का भी चातुर्मास रहा आचार्य श्री ने युवाओं में धर्म के संस्कार प्रस्फुटित हो इस उद्देश्य को लेकर उन्होंने संस्कार शिविर का भी आयोजन किया । साथ ही शाम को आनंद यात्रा के साथ सभी के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार किया।
यह होगा चार दिवसीय पदयात्रा का मार्ग
मिली जानकारी अनुसार 23 दिसंबर को दोपहर की बेला में ऐतिहासिक पदयात्रा का शुभारंभ होगा एवं यह पदयात्रा श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर से प्रारंभ होगी 23 दिसंबर का रात्रि विश्राम झालावाड़ स्थित सांसद दुष्यंत सिंह निवास पर होगा। 24 दिसंबर को आहारचर्या देवरीघटा में होगी एवं रात्रि विश्राम कुदायला स्थित स्मॉल स्केल स्टोन इंडस्ट्री संगठन के भवन पर होगा। 25 दिसंबर को प्रातः यहां से मंगल विहार होगा एवं रामगंज मंडी की सीमा पर स्थित कमल फिलिंग स्टेशन पेट्रोल पंप पर समाज बंधुओ द्वारा आचार्य संघ की अगवानी की जाएगी। गुरुदेव को रामगंजमंडी शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर लाया जाएगा। पूज्य गुरुदेव की आहारचर्या रामगंजमंडी नगर में ही संपन्न होगी। गुरुदेव का मंगल विहार अतिशय क्षेत्र कैथूली के लिए होगा। 25 तारीख का रात्रि विश्राम गोयंदा ग्राम में होगा। 26 दिसंबर की प्रातः बेला में अतिशय क्षेत्र कैथुली में मंगल प्रवेश होगा जहां पार्श्वनाथ जयंती आचार्य संघ सानिध्य में भक्ति उल्लास के साथ मनाई जाएगी।
अहिंसा सर्किल का भी हुआ लोकार्पण
इस चातुर्मास में आचार्य श्री के द्वारा अहिंसा का भाव जागृत करने हेतु अनेक लोगों को मांस मदिरा दुर्व्यसनो का त्याग करने की शपथ दिलाई। उन्हीं की प्रेरणा से नगरपालिका द्वारा सूरजपोल में अहिंसा सर्किल का निर्माण करवाया गया।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
