आर्यिका 105 श्री तपनमति माताजी ने चारों प्रकार के आहार का कर यम सल्लेखना धारण की। पारसोला आचार्य शिरोमणी 108पंचम पट्टाधीश आचार्य श्री 108 वर्धमान सागर जी महाराज से दीक्षित 85वर्षीय आर्यिका 105श्री तपनमति माताजी ने*l दिनांक 20 दिसंबर को आचार्य श्री वर्धमान सागर जी समक्ष सभी प्रकार के आहार का त्याग किया। इसके पूर्व दिनांक 8 दिसंबर 2024 को वात्सल्य वारिघि पंचम पट्टाधीश निर्यापकाचार्य आचार्य श्री वर्धमान सागर जी समक्ष श्रीजी,आचार्य श्रीसंघ सहित सभी साधुओं से क्षमा याचना कर संस्तरारोहण किया था।क्षपकोतमा साघु जीवित अवस्था में संयमी जीवन में क्रम पूर्वक आहार का त्याग कर रही हैं। इसके पूर्व मात्र वह जल ही ले रही थी।वात्सल्य वारिघि भक्त परिवार से प्राप्त जानकारी संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
