आदित्य सागर महाराज सानिध्य में तुमैन अतिशय क्षेत्र पर होगा तीन दिवसीय भक्तामर मंडल विधान अनुशासन के साथ साहस भी जरूरी होता है मुनिश्री आदित्य सागर महाराज
अशोकनगर
पूज्य मुनिश्री 108 आदित्य सागर महाराज के सानिध्य में तुमैन अतिशय क्षेत्र पर तीन दिवसीय भक्तामर विधान 13 दिसंबर से
प्रारंभ होगा जो 15 दिसंबर तक चलेगा जिसको लेकर समाज बंधुओ ने व्यापक तैयारियां की हैं।
12 दिसंबर की दोपहर की बेला में महाराज श्री ने संघ सहित तुमैंन अतिशय क्षेत्र की ओर मंगल विहार किया इससे पूर्व प्रातः बेला में महाराज श्री ने पारसनाथ दिगंबर जैन मंदिर में मंगल प्रवचन देते हुए कहा कि मनुष्य को रत्नत्रय यानी मुनि बनने की चाह लगन तो रखनी ही चाहिए तब ही सफलता मिल सकेगी।
महाराज श्री ने कहा कि अनुशासन के साथ साहस भी जरूरी होता है। साथ ही साहिष्णुता सहनशक्ति भी होना चाहिए। लक्ष्य बुद्धि व उत्साह के साथ अनुभव का साथ मिल जाए तो कार्य की सिद्धि अच्छे से हो जाती है। अनुभवी लोगों को साथ में रखने से बड़े-बड़े आयोजन सफल होते देखे गए हैं।

व्यवहार कुशल होना भी सफल व्यक्ति की निशानी है। व्यवहार कुशल व्यक्ति राजनीति सहित किसी भी फील्ड में हो, अक्सर सफल होता है। हमेशा अपने कार्य समझदारी के साथ करें जो




की सफलता की गारंटी होता है। जिम्मेदारी ईमानदारी जैसे गोल्ड बेहद जरूरी है। सफलता के लिए लिहाज से बहुत जरूरी होता है। अपनी नैतिक जिम्मेदारियां का ख्याल अवश्य रखना चाहिए।
अशोकनगर से बिहार करने के पूर्व महाराज श्री ने कहा कि आज हमारा अंतिम दिन है शहर के लोग बहुत धार्मिक हैं। साधु संतों की सेवा में कोई कसर नहीं छोड़ते। हमें भी यहां बहुत आनंद आया।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
