आदित्य सागर महाराज का अशोकनगर में हुआ मंगल प्रवेश
अशोकनगर
शांतिनाथ त्रिकाल चौबीसी के पंचकल्याण एवं गजरथ महोत्सव की 33वीं वर्षगाठ सोमवार को मनाई जाएगी। जिसे लेकर जैन समाज द्वारा तैयारियां की जा रही हैं। इसी क्रम में गुना जिले में विराजमान आदित्य सागर महाराज एवं नगर गौरव सहज सागर महाराज संघ का रविवार को प्रातः बेला में मंगल प्रवेश हुआ। नगर के प्रमुख मार्गो से होते हु मुनि संघ को सुभाष गंज स्थित जैन मंदिर लाया गया।
गुना से आए मुनि श्री संघ का समाज बंधुओ ने राजमाता चौराहा पर भव्य अगवानी की जहां से पारसनाथ जिनालय बैंड बाजों के साथ लाया गया जगह-जगह मुनि संघ की पद प्रक्षालन एवं मंगल आरती कर मंगल अगवानी की। जिनालय से मुनि संघ गांधी पार्क होते हुए सुभाषगंज जिन मंदिर पहुंचे जहां पूर्व में विराजमान पूज्य मुनि श्री 108 अरहसागर महाराज से मंगल मिलन हुआ एवं संयुक्त रूप से धर्म सभा को संबोधित किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में भक्त मौजूद रहे। एवं इसी अवसर पर महोत्सव के पात्रों का भी चयन किया गया। सोमवार की बेला में शांतिनाथ जिनालय से शोभायात्रा निकाली जाएगी जिसमें बड़ी संख्या में भक्त शामिल होंगे।

त्रिकाल चौबीसी मंदिर का इतिहास
2 दिसंबर को 1992 में अशोकनगर में हुए ऐतिहासिक त्रिकाल चौबीसी पंचकल्याणक एवं सप्तरत गजरथ महोत्सव संपन्न हुआ था जिसकी 33वीं वर्षगांठ पूज्य मुनि संघ सानिध्य में दो दिवसीय समारोह के रूप में मनाया जा रहा है।
ऐसे तैयार हुई त्रिकाल चौबीसी कीरूपरेखा
1989 में एक बार आचार्य श्री विद्यासागर महाराज के शिष्य सुधा सागर महाराज शहर में आए शहर के एक ठेकेदार साहब ने उनके सामने छोटे से मंदिर की स्थापना करने की इच्छा जताई। इसी साल मंदिर का निर्माण शुरू हुआ और 4 साल बाद 1992 में भव्य मंदिर बनकर तैयार हो गया जो दिगंबर जैन समाज के लिए एक बड़ा तीर्थ स्थलहै। त्रिकाल चौबीसी पूज्य मुनि श्री सुधा सागर महाराज की अभिनव सोच से सृजित हुई है। जहां भूत भविष्य वर्तमान की चौबीसी विराजमान की गई है। इसके साथ ही चतुर्मुखी इंद्र मान स्तंभ और फिर उसमें विदेह क्षेत्र के 20 तीर्थंकर प्रभु की स्थापना की गई।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
