मनुष्य जीवन एक अवसर है, इस अवसर का लाभ नहीं उठा पाए तो यह मानव शरीर दोबारा मिलने वाला नहीं प्रमाण सागर महाराज
इंदौर
मनुष्य जीवन एक अवसर है,यह जीवन मौजमस्ती के लिये नहीं मिला यह एक अवसर है और इस अवसर का यदि लाभ नहीं उठा पाये तो यह मानव शरीर दोबारा मिलने वाला नहीं”अवसर मिलना” “अवसर का लाभ उठाना” “अवसर को खोजना” और “अवसर को खो देना” इन चार बातों पर मुनि श्री प्रमाण सागर महाराज ने विजयनगर में आयोजित धर्मसभा को संबोधितकरते हुये व्यक्त किये।
मुनि श्री ने कहा कि अपने पुण्य की सराहना कर विचार कीजिये यदि विकलांग, दीन हीन शरीर मिला होता तो कही पर बैठकर भीख मांग रहे होते, यह जो स्वस्थ शरीर मिला, अच्छे शरीर के साथ साथ भरा पूरा परिवार मिला, धन संपत्ति के साथ वैभव संपन्नता मिली,अच्छी बुद्धी मिली तोअपने पुण्य की सराहना कीजिये और आभार व्यक्त कीजिये उस प्रभु परमात्मा का जिन्होंने आपको अच्छी बुद्धि के साथअच्छे संस्कार दिये, जिसके परिणाम स्वरूप आप एक अच्छे नागरिक का जीवन व्यतीत कर धर्म आराधना कर रहे है।

मुनि श्री ने कहा कि दीपावली के पश्चात आगामी अष्टान्हिका में दिनांक 7 नवंबरसे 17 नवंबर तक एक वृहद अनुष्ठान 108 मंडलों के साथ श्री 1008 सिद्धचक्र महामंडल विधान का आयोजन संपन्न होगा जिसमें संपूर्ण भारत के श्रद्धालुओं के साथ इंदौर शहर के सभी श्रद्धालुओं को अभूतपूर्व अवसर है।
धर्म प्रभावना समिति ने कही स्थानों के सुझाव दिये थे लेकिन यह आप लोगों का पुण्य था कि यह अवसर विजयनगर वालो को मिला,अवसर मिला है तो उसका लाभ प्रत्येक परिवार को उठाना चाहिये।
धर्म प्रभावना समिति के मीडिया प्रभारी राहुल जैन प्रवक्ता
अविनाश जैन ने बताया कार्यक्रम का शुभारंभ आचार्य श्री विद्यासागरजी महाराज के चित्र के साथ दीप प्रजवलन से हुआ प्रतिष्ठाचार्य बाल ब्र.अभय भैया ने आगामी 7 नवंबर से होंने वाले श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान के लिये भूमी शुद्धी मंत्रोच्चारण के साथ संपन्न कराई।इस अवसर पर धर्मप्रभावना समिति के अध्यक्ष अशोक डोसी,नवीन गोधा,महामंत्री हर्ष जैन,मुकेश विजय पाटौदी,धर्मेन्द्र जैन सिन्केम,सहित पंच बालयति मंदिर सहित विजयनगर एवं उसके आसपास की कालोनियों से जैन समाज के पदाधिकारी एवं श्रद्धालु मौजूद थे।
संकलित जानकारी के साथ अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट 9929747312
