णमोकार मंत्र में पंच परमेष्ठी को नमन किया गया है विज्ञमति माताजी
एटा
पुरानी बस्ती स्थित बड़े जैन मंदिर जी में निरंतर चल रहे णमोकार मंत्र अखंड पाठ में श्री आदिनाथ महिला मंडल द्वारा बुधवार को भक्ति भावपूर्ण माताजी को अर्घ समर्पित कर महिलाओं ने सुंदर प्रस्तुति दी, वही शांति धारा श्रीमती रजनी मनोज जैन नंबरदार पुण्यार्जक परिवार द्वारा की गई,
भारत गौरव आर्यिका विशुद्ध मति माताजी की शिष्या पट्ट गणिनी आर्यिका 105 श्री विज्ञमती माताजी ने णमोकार मंत्र के बारे में बताते हुए कहा इस मंत्र में पंचपरमेष्ठी को नमन किया गया है जैन परंपरा में सर्वोपरि उपासनीय देवाधिदेव अरिहंत, सिद्ध, अरिहंत, सिद्ध ,आचार्य, उपाध्याय और साधु ये पंच परमेष्ठी माने गए हैं,पहले अरिहंत प्रभु के आत्म साधना द्वारा चार अशुभ कर्म नष्ट होकर चार गुण प्रकट होते हैं अरिहंत अर्थात “अरि”अर्थात शत्रु,” हन्त”नाश करने वाला आत्मा के शत्रु कर्म है उनका नाश करने वाले अरिहंत कहलाते हैं, जिसने संपूर्ण कर्मों का नाश करके शुद्ध आत्म स्वरूप की प्राप्ति कर ली है वह सिद्ध भगवान है ,तीन परमेष्ठी आचार्य, उपाध्याय और साधु साधक दशा में है उनका लक्ष्य आत्म साधना द्वारा आत्मसिद्धि प्राप्त कर क्रमशः अरिहंत सिद्ध बनना है !
इससे पूर्व रात्रि में जीतू एंड ग्रुप जयपुर द्वारा णमोकार महामंत्र का संगीतमय अखंड पाठ किया गया शाम को श्रावकों ने प्रभु एवं गुरु माँ की मंगल मय आरती एवं गुरु भक्ति की!
इस अवसर पर श्रीमान सुधाकर जैन आरके जैन ,योगेंद्र जैन दिनेश जैन,प्रभा चंद्र जैन,सुभाष जैन, प्रवीण जैन,राहुल जैन, दीपू जैन,विक्की जैन, श्रीमती आशा जैन डॉक्टर रूपा जैन, सरोज जैन, स्नेहलता जैन, बबिता जैन, रक्षा जैन, तृप्ति जैन ,सुनीता जैन,गरिमा जैन, दीपा जैन अंजू जैन, रजनी जैन,मोना जैन, सोनिया जैन, ऊषा जैन, हेमा जैन एवं नीलम जैन सहित अनेकों श्रद्धालुओं ने उपस्थित रहकर धर्मलाभ लिया!
बबिता जैन एटा से प्राप्त जानकारी
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
