10 दिन की धर्म आराधना के पश्चात रुचि में परिवर्तन आना चाहिए प्रमाण सागर महाराज
इंदौर
10 दिन की धर्म आराधना के पश्चात रुचि में परिवर्तन आना चाहिये उपरोक्त उदगार मुनि श्री प्रमाणसागर जी महाराज ने मोहताभवन रैसकोर्स रोड़ पर प्रातःकाल धर्म सभा में व्यक्त किये।
उन्होंने कहा कि रुचि में परिवर्तन जीवन में सबसे ज्यादा जरुरी है 10 दिन तक आप सभी लोगों ने खूब धर्म आराधना की तपस्या की इस धर्मआराधना और तपस्या के उपरांत यदि आपकी रुचि जैसे पहले थी यदि वैसे ही बनी रहती हे,तो धर्म आराधना का कोई फायदा नहीं हुआ हां यदि आपकी रूचि में बदलाव है,तो समझना कि हमारे जीवन की दिशा सही है,और यदि बदलाव नहीं है,तो अभी हम जहा के तहा है।







मुनि श्री ने कहा कि धर्म धारण करने से यदि जीवन बदल जाऐ तो आपका धर्म करना सार्थक है अन्यथा लोग पूरी जिंदगी धर्म करते है,लेकिन उनका दृष्टिकोण है मात्र यही रहता है कि मेरा समाज में नाम हो जाए लोग मुझे धर्मात्मा के नाम से जानें मुनि श्री ने कहा कि हमें दूसरे की ओर दृष्टि न करते हुये अपने अंदर की ओर हमारी तत्वदृष्टी होंना चाहिये।
प्रवक्ता अविनाश जैन ने बताया 21 सितंम्वर को प्रातःकाल का प्रवचन स्थगित रहेंगे मध्याह्न4 बजे से इंदौर के चिकित्सकों के साथ मुनि श्री चर्चा करेंगे एवं उनकी शंकासमाधान का कार्यक्रम संपन्न होगा एवं 22 सितंबर रविवार को प्रातः8बजे से सामुहिक क्षमावाणी का कार्यक्रम संपन्न होगा एवं शंकासमाधान के पश्चात मुनि श्री संधान सागर जी महाराज द्वारा बच्चों की कक्षाएँ लगेगी।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
