पूज्य निर्यापक श्रमण मुनि पुंगव 108 सुधा सागर महाराज के 42 वे दीक्षा दिवस पर भावांजलि

धर्म

पूज्य निर्यापक श्रमण मुनि पुंगव 108 सुधा सागर महाराज के 42 वे दीक्षा दिवस पर भावांजलि
बुंदेलखंड हो गया निहाल
इसरवारा के संत तूने कर दिया कमाल
आज हम पूज्य निर्यापक श्रमण मुनि पुंगव 108 सुधा सागर महाराज का 42 वा दीक्षा दिवस मना रहे हैं पूज्य गुरुदेव आचार्य श्री विद्यासागर महाराज के द्वारा बताए गए मार्ग को अनुसरण करते हुए महाराज श्री द्वारा जन-जन का कल्याण कर प्राणी मात्र को एक नवजीवन प्रदान किया है पूज्य गुरुदेव ने मानवता के उपदेश के साथ जन-जन का कल्याण किया है।

आज की युवा पीढ़ी मौजशौक मस्ती में अपना जीवन व्यतीत कर देती है उसमें युवा पीढ़ी के अंदर संस्कारों के साथ धर्म की अलख जगाने का कार्य गुरुदेव द्वारा किया गया। ऐसे कार्य गुरुदेव की

प्रेरणा से हुए जो युगों युगों तक जीवंत हैं। संस्कारों को पल्लवित करते हुए संस्कार शिविर का एक प्रकल्प गुरुदेव की प्रेरणा से प्रतिवर्ष होता है जो युवा पीढ़ी को साधना की ओर अग्रसर करते हुए आत्म कल्याण का मार्ग प्रशस्त करता है। ऐसे संत इस पावन धरा पर बिरले ही होते है। यह सचमुच हम सभी के लिए स्वर्णिम अवसर है कि हम गुरुदेव का दीक्षा दिवस मना रहे हैं।
आज के दिन हम यही प्रेरणा लें और यही सीख लें उनकी वाणी उनका संयम उनके तप का स्मरण करें, संत शिरोमणि आचार्य विद्यासागर महाराज व मुनि श्री को नमन करें।
कुंदकुंद के समयसार का सार हमें जो बता रहे, समंतभद्र का डंका घर घर द्वार बज रहे
भोले भाले अनाथ जन के जो है पावन धाम
ऐसे महान संत के चरणों में कोटि-कोटि प्रणाम।
आओ मिलकर जय घोष करें
जैन धर्म की ध्वजा पल्लवित करें
हम सबके जीवन में अनुरक्ति रहे
लेकिन विरक्ति का भाव रहे।
हम यही कामना करते हैं गुरुदेव आपका रत्नत्रय आपका संयम पथ और वृद्धि की ओर अग्रसर हो।
कोटि नमन
अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट 9929747312

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