भाग्योदय तीर्थ श्रावक संस्कार शिविर में श्रावको ने अपना जीवन धन्य किया एवं कई श्रावकों ने तप साधना जिनकी वैयावृत्ति का लाभ उठा रहे हैं श्रावक जन
सागर
इसमें कोई अतिशयोक्ति नहीं है कि श्रावक संस्कार शिविर एक नए कीर्तिमान को छू गया है और शिविर में भाग लेकर अपने जीवन को धन्य किया है।
इसके साथ ही पूज्य मुनि श्री सुधा सागर महाराज की प्रेरणा जन-जन को एक नई ऊर्जा प्रदान कर रही है साथ ही शिविर में जिन श्रावक बंधुओ ने तप आराधना की है वह निश्चित रूप से अनुमोदनीय है। जिनकी वैयावृत्ति का लाभ श्रावकजन ले रहे है।
वह भी शुद्ध धोती दुपट्टे में जो अपने आप में एक संस्कारों को प्रज्वलित करता हुआ एक प्रेरणा दे रहा है। नवीन जैन नवीन श्री जानकारी देते हुए बताते हैं कि श्रावक जन तपस्वियो की वैयावृत्ति का लाभ उठा रहे हैं।
हम उनके अनंत पुण्य की अनुमोदना करते है जिन्होंने *निर्यापक मुनि श्री 108 जगतपुज्य सुधा सागर जी महामुनिराज* के सानिध्य एवं आशीर्वाद से अपना जीवन धन्य कर लिया..
दसलक्षण महापर्व में श्रावक संस्कार शिविर में ऐसे अनेक शिविरार्थी जन है, जो 10 उपवास के साथ जिन साधना* में लीन है.. धन्य भाग्य है उनके.. उनके तप ध्यान संकल्प के..
मुनि आज्ञा में उनकी चर्या को बारंबार नमन करते है।





ऐसे उपवासी-श्रावकों जनों की वैयावृति करने का शुभ-लाभ हम सभी को मिल रहा है। हम अपना पुण्य मानते हैं कि उनकी वेय्यावृति करके कम से कम हम अपने जीवन मे, उनके पुण्य का एक अंश तो प्राप्त कर ही सकते है।
उपवासी श्रावकों की वेय्यावृति प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से 4 बजे तक होती है एवम रात्रि 8:00 से रात्रि 10 बजे तक होती है।
इसकी खास बात
वेय्यावृति के समय शुद्ध धोती दुपट्टे में जाकर भाग्योदय परिसर में संत भवन के बाजु मे, पूर्व प्रवचन सभा गृह में हो रही है। हम यह मानते हैं कि ऐसा सेवा का अवसर बार-बार नहीं आएगा।
नवीन जैन नवीन श्री सागर से प्राप्त जानकारी के साथ अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट 9929747312
