धर्म को मात्र क्रिया से मत जोड़िये उसे अपने जीवन व्यवहार का अंग बनाइये”प्रमाण सागर महाराज

धर्म

धर्म को मात्र क्रिया से मत जोड़िये उसे अपने जीवन व्यवहार का अंग बनाइये”प्रमाण सागर महाराज
इंदौर
जिनशासन के सूर्य़ की प्रभावना तभी होगी जब हम स्वंय अपने जीवन को धर्म का अंग बनायेंगें,धर्म को मात्र क्रिया से मत जोड़िये उसे अपने जीवन व्यवहार का अंग बनाइये”

 

उपरोक्त उदगार संत शिरोमणि आचार्य गुरुदेव विद्यासागरजी महामुनिराज के परम प्रभावक शिष्य मुनि श्री प्रमाणसागर जी महाराज ने मोहताभवन रैसकोर्स रोड़ पर प्रातःकालीन धर्मसभा में सोलहकारण भावना की “मार्ग प्रभावना”अंग पर प्रकट किये,उन्होंने कहा कि सबसे पहले इस बात का प्रयास करो कि मुझे प्रकाश मिला और जो धर्म का प्रकाश आपको मिला है वह प्रकाश दूसरों तक भी पहुंचे ऐसा प्रयास हम सभी का होंना चाहिए। मुनि श्री ने चार बातें प्रकाश, आभास, प्रयास और विकास पर चर्चा करते हुये कहा कि ज्ञान के प्रकाश का विकास होंना चाहिये उन्होंने कहा किआप लोगों में से बहुत से लोग आकर कहते है कि गुरूदेव आपके प्रवचन से मेरे जीवन की दिशा ही बदल गयी तो आपका प्रयास यह होंना चाहिये कि जन जन तक यह बात पहुंचे।

 

 

उन्होंने कहा जैन धर्म का विस्तार तभी होगा जब प्रत्येक जैन जैनत्व की कसौटी पर खरा उतरे मुनि श्री ने कहा कि बातें तो हम धर्म की बहुत करते है, में तो कहता हुं कि आप सभी धर्मी है लेकिन कौन कितना धर्मी है यह तो मात्र आप ही जानते है। मुनि श्री ने कहा कि धर्म मात्र एक कोरी क्रिया नहीं है कि आपने आकर भगवान का अभिषेक पूजा पाठ किया और एक घंटा मंदिर में दिया, फिर दिन भर पाप की क्रिआओं में उलझ गये,यह धर्म नहीं है,”धर्म को मात्र जीवन की क्रिया मत बनाइये,धर्म को अपने जीवन का अंग बनाइये” जो आपके जीवन व्यवहार में झलके आपको देखकर लोग आपसे प्रभावित हों,अपना व्यक्तित्व ऐसा बनाइये लोग आपका अनुसरण करें।

 

मुनि श्री ने कहा कि आप यात्रा कर रहे है,तो इधर उधर की बात करने की अपेक्षा आप अपने मोबाईल से प्रवचन सुनें प्रवचन की दो चार किताबें अपने साथ रखें और पहले खुद पड़े तथा औरों को दें जिससे दूसरा प्रभावित हो तथा जो रोशनी आपने पाई है उसे दूसरा भी पा सके। यदि हमने ऐसा किया तो हम जैन धर्म को जन जन तक पहुंचा सकते है, मुनि श्री ने कहा 24 घंटे पाप में रत रहने वाले व्यक्ति को यदि पापी कहा जाए तो उसको बुरा लगता है कि नहीं? मैं किसी को पापी नहीं कहना चाहता मैं तो कहता हूं कि सभी धर्मात्मा है आप है या नहीं इसका आंकलन आप खुद कीजिये! मात्र बातों से प्रभावना नहीं होती यदि आप धर्म की प्रभावना करना चाहते हो तो आप अपने आचरण को अपनी कसौटी पर कसो और इतना प्रभावी बनाओ कि लोग आपसे प्रभावित हो सकें।

कार्यक्रम संचालक एवं शिविर निर्देशक बाल ब्र. अशोक भैया, अभय भैया एवं सहयोगी अमित वास्तु सहित धर्म प्रभावना समिति के प्रवक्ता अविनाश जैन एवं मीडिया प्रभारी राहुल जैन स्पोर्ट्स ने जानकारी देते हुये बताया 8 सितंबर से 17 सितंबर तक दि.जैन समाज द्वारा दशलक्षण महापर्व पर धर्म की आराधना एवं श्रावक संस्कार शिविर का आयोजन मोहताभवन में आयोजित है प्रातः5 बजे से 8 बजे रात्री तक विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होंगे जिसमें प्रातःकाल5 बजे से भावनायोग तत्पश्चात भगवान का अभिषेक शांतीधारा तथा 8-45 से। 10 बजे तक मुनि श्री के दशलक्षण धर्म पर प्रवचन दौपहर 2:30 से तत्वार्थ सूत्र का बाचन एवं सांयकाल6 बजे से 8 बजे तक शंकासमाधान आरती एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे।

धर्मप्रभावना समिती के अध्यक्ष अशोक रानी डोसी,महोत्सव अध्यक्ष नवीन आनंद गोधा,महामंत्री हर्ष जैन,दिलीप गोधा,मनोज अनामिका जैन सहित सभी पदाधिकारियों ने धर्मलाभ लैने की अपील की है। अविनाश जैन विदिशा से प्राप्त जानकारी
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

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