जन्माष्टमी के आध्यात्मिक रहस्य खोले ब्रह्माकुमारी शीतल दीदी ने*

धर्म

*जन्माष्टमी के आध्यात्मिक रहस्य खोले ब्रह्माकुमारी शीतल दीदी ने*
रामगंजमंडी
रामगंजमंडी के ब्रह्माकुमारी केंद्र पर जन्माष्टमी का त्यौहार बड़े ही धूमधाम के साथ मनाया गया जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में राजकीय महाविद्यालय, नमाना के प्रधानाचार्य व लेक्चरर संजय सिंह पधारे। केंद्र संचालिका ब्रह्माकुमारी शीतल ने जन्माष्टमी का आध्यात्मिक रहस्य बताते हुए कहा की “हर कोई चाहता है कृष्ण जैसा भाई ,कृष्ण जैसा बेटा, कृष्ण जैसा सखा, पति हमें मिले क्यूँ सब ऐसा चाहते हैं?

 

 

क्योंकि कृष्ण के कर्म इतने श्रेष्ठ थे और इतनी श्रेष्ठ आत्मा जिस समय जन्म लेगी वो दुनिया कितनी श्रेष्ठ होगी। कहते है कि जब कृष्ण जन्म हुआ तो चारों ओर प्रलय चल रहीं थी तो ऐसे ही जब ये कलयुगी सृष्टि चारों ओर से जल मगन हो जाएगी तब पीपल के पत्ते की आकृति वाली दुनिया बचेगी जिसके ऊपर श्री कृष्ण का जन्म होगा और वो दुनिया जहां कृष्ण जैसी देव आत्मा का जन्म होगा वह सतयुग कहलायेगा। कोई कहते है कि कृष्ण का जन्म

 

कारागार मे हुआ परंतु इतनी श्रेष्ठ आत्मा जिसके कर्म श्रेष्ठ हो उसे भी यदि दुःख भोगना पड़े तो लोगों का अच्छे कर्म करने पर विश्वास ही समाप्त हो जाएगा वास्तव मे तो देवकी जिसे कारागार मे बंधन में रखा गया ऐसे ही आज के समय मे हर एक मनुष्य आत्मा माया के बंधनों मे बंधी हुई है जिससे वो ना चाहते भी काम क्रोध लोभ मोह अहंकार के वशीभूत होकर गलत कार्य कर रही है। और जब कृष्ण जन्म होगा तो हर आत्मा इन बंधनों से मुक्त हो जाएगी नया सूर्योदय होगा सृष्टि पर और उस सतयुगी दुनिया मे वही कृष्ण की आत्मा जो 16 कला सम्पूर्ण निर्विकारी होगी उस आत्मा के 8 जन्म होंगे और हर एक जन्म बहुत ही श्रेष्ठ सुखकारी होगा

 

 

इसीलिए जन्माष्टमी मनायी जाती है कि कृष्ण जैसे श्रेष्ठ जन्म सभी आत्माओं के हों इसीलिए हर कोई चाहता है कृष्ण जैसी आत्मा हमारे घर मे जन्म ले।”मुख्य अतिथि संजय सिंह ने कहा की “पहली बार मे ब्रह्माकुमारी सेवा केंद्र पर आया हूं और यहां आते ही एक अद्भुत सी ऊर्जा का अपने भीतर अनुभव कर रहा हूं और निरंतर इस संस्था से जुड़े रहने का प्रयास करूंगा।” कार्यक्रम मे रुक्मणी कृष्ण व

 

 

सत्यभामा पर बनी नृत्य नाटिका, और कृष्ण के गीतों पर बच्चों ने नृत्य प्रस्तुत किए। साथ ही मटकी फोड़ प्रतियोगिता करवाई जिसमें सभी लोगों ने उमंग के साथ भाग लिया। कई बच्चे राधा कृष्णा की ड्रेस पहनकर आए। सुंदर झाकियों का प्रदर्शन किया गया।

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