शांतिसागर धाम मधुवन में हुआ आयोजन-बून्दी की सीमा को अब ‘मैना सुन्दरी” के नाम से जाना जायेगा-आर्यिका सुप्रकाशमति*

धर्म

शांतिसागर धाम मधुवन में हुआ आयोजन-बून्दी की सीमा को अब ‘मैना सुन्दरी” के नाम से जाना जायेगा-आर्यिका सुप्रकाशमति*
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मधुवन/बून्दी,9अगस्त।
वर्तमान में युवा पीढ़ी धर्म से विमुख होती जा रही है, ओर इसी अरुचि का परिणाम है कि वो केवल अपनी लाइफ स्टाइल का स्टेन्डर्ड चाहते है वो अपनी छुट्टियां किसी हिल स्टेशन पर मनाना चाहते है, पर बून्दी के इस युवा दंपत्ति ने उम्र के उसी पड़ाव पर आकर शाश्वत सिद्धभूमि श्री सम्मेदशिखर में जो भक्ति पूर्ण आयोजन किया है वह आज के युवा वर्ग के लिए प्रेरणा है, मधुवन के शांतिसागर धाम में बून्दी के कोटिया परिवार द्वारा आयोजित श्री सिद्धचक्र महामण्डल विधान की पूर्णाहूति के अवसर पर अपने उक्त उपदेश में सम्बोधित करते हुए गणिनी आर्यिका श्री सुप्रकाशमति माताजी ने कहा कि इतनी लघुवय में इतनी भावना और विवेक लेकर यह वृहद आयोजन करने वाली बून्दी की सीमा जैन को अब ‘मैना सुन्दरी’ के नाम से जाना जायेगा ।

 

 

 

यात्रा संयोजक राकेश जैन ‘चपलमन’ ने जानकारी देते हुए बताया कि बून्दी के कोटिया परिवार द्वारा 31 जुलाई को ट्रेन के माध्यम से 108 यात्रियों को जैन समाज के सर्वोच्च तीर्थ स्थल श्री सम्मेदशिखर जी यात्रा हेतु ले जाया गया । जंहा श्री शांतिसागर धाम में गणिनीप्रमुख श्री ज्ञान मति माताजी की मंगल प्रेरणा व गणिनी आर्यिका श्री सुप्रकाशमति माताजी के पावन सानिध्य एवं विधानाचार्य श्री वृषभसेन उपाध्ये, श्री प्रशांत उपाध्ये के निर्देशन में श्री सिद्धचक्र महामण्डल विधान का आयोजन किया गया।
2 अगस्त को घटयात्रा एवं ध्वजारोहण के साथ आयोजन का शुभारंभ हुआ, प्रतिदिन प्रातः जिनाभिषेक आदि के साथ 6 अगस्त तक कुल 2024 अर्घ्य श्रीफल सहित अर्पित किये गए ।
3 अगस्त को मधुवन की सबसे ऊंची 31 फुट उतुंग सम्मेदशिखर से प्रथम निर्वाण प्राप्त श्री अजितनाथ भगवान की प्रतिमा पर महामस्तकाभिषेक किया गया ।

 

 

 


6 अगस्त को चारित्र चक्रवर्ती आचार्य शान्ति सागर जी महामुनिराज के 100वें आचार्य पदारोहण वर्ष में उपलक्ष्य में गुरुदेव एवं आर्यिका श्री सुप्रकाशमति माताजी का पूजन भक्तिभाव पूर्ण किया गया एवं विश्वशांति की भावना से हवन द्वारा पूर्णाहूति दी गई, उसके पश्चात भगवान की पालकी यात्रा निकाली गई ।
7-8 अगस्त को यात्रा संघ द्वारा पर्वतराज की 27 किमी की पैदल वन्दना की गई जिसमें प्रत्येक टोंक पर पूर्ण भक्ति के साथ चांदी के लोंग सहित अर्घ्य अर्पित किया गया।9 अगस्त को यात्रा संघ ने वापसी के साथ सिद्ध वन्दना के इस उपक्रम को सम्पन्न किया ।

 

राकेश जैन ‘चपलमन से प्राप्त जानकारी संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

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