भारत गौरव गणिनी आर्यिका रत्न 105 विज्ञा श्री माताजी के पावन सानिध्य में विमल परिसर बीलवा में चल रहे शांतिनाथ महामंडल विधान में कल प्रातः काल की बेला से शुरू होगा 28 वें दीक्षा दिवस महोत्सव के आयोजन का भव्य आगाज
- *इंसान अपनी जुबान से ही पहचाना जाता है वरना अच्छी बातें तो दीवारों पर भी लिखी जाती है कोई भी रिश्ता दिल में होना चाहिए शब्दों में नहीं और नाराजगी शब्दों में होनी चाहिए दिल में नहीं ,तो ही आपसी रिश्तो में प्रेम बना रहेगा विज्ञाश्री
जयपुर/
प.पू. आचार्य 108 विराग सागर जी महाराज की सुयोग्य शिष्या भारत गौरव श्रमणी गणिनी आर्यिका रत्न 105 गुरु मां विज्ञाश्री के पावन सानिध्य में चल रहे शांतिनाथ महामण्डल विधान के तहत कल आर्यिका श्री के 28 वें दीक्षा दिवस महोत्सव का भव्य आगाज होगा जैन समाज के मीडिया प्रवक्ता राजाबाबू गोधा ने अवगत कराया कि दीक्षा महोत्सव के दो दिवसीय भव्याति कार्यक्रम में विभिन्न आयोजनों के साथ अनेक मंगलमय कार्यक्रमों के साथ इस कार्यक्रम का समापन होगा ,आज आर्यिका श्री ने श्रृद्धालुओं को अपने मंगलमय उद्बोधन में सम्बोधित करते हुए कहा कि जिस तरह हम अपनी जिंदगी में अच्छे लोगों का चयन करते हैं उसी तरह हमें बोलते समय अच्छे शब्दों का चयन करना चाहिए, इंसान अपनी जुबान से ही पहचाना जाता है वरना अच्छी बातें तो दीवारों पर भी लिखी जाती है ,कोई भी रिश्ता दिल में होना चाहिए, शब्दों में नहीं और नाराजगी शब्दों में होनी चाहिए, दिल में नहीं तो ही आपसी रिश्तो में प्रेम बना रहेगा । रिश्ते कांच के समान होते हैं अगर नहीं रखेंगे तो टूटेंगे भी और चुभेंगे भी , इसलिए अपनों को अपनेपन का अहसास दिलाते रहना चाहिए आर्यिका श्री ने कहा कि आज परिवार में वैर – विरोध की कैंची नहीं, प्रेम और मोहब्बत के सुई – धागे की जरूरत है, ताकि टूटते हुये रिश्तों को फिर से सिला / साधा जा सके, गोधा ने बताया किआगामी 26 – 27 फरवरी को पूज्य गुरु माँ के 28वें दीक्षा दिवस महोत्सव के शुभ अवसर पर 31 परिवारों द्वारा श्री शांतिनाथ महामण्डल विधान और 1008 कलशों से भगवान का महामस्तकाभिषेक एवं निर्वाण लड्डू चढाया जाएगा श्री शांतिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर , बीलवां में पधारकर आप सभी धर्म लाभ लें और पुण्यार्जन प्राप्त करें।
*राजाबाबू गोधा जैन महासभा मीडिया प्रवक्ता राजस्थान*
