सम्मेदशिखर तीर्थ का प्रकृति द्वारा अद्भुत श्रृंगार बारिश के मौसम में बादलों के बीच दिख रहा नजारा सभी को कर रहा आकर्षित
पारसनाथ
ऐसा पावन तीर्थ है सम्मेदशिखर जहां बीस तीर्थंकरो ने निर्वाण को प्राप्त किया है ऐसा पावन तीर्थ सचमुच अनुपम एवं दिव्य है। यहां जो भी आता है बस प्रभु भक्ति में खो जाता है और मन करता है कि बस इसी तीर्थ पर रहे।
यहां का नजारा वर्षा के समय में तो दिव्य एवं अलौकिक हो जाता है जी हां वर्ष के मौसम में यहां की छटा बड़ी रमणीक एवम मनभावन हो जाती है। जिसे देख लगता है कि प्रकृति ने इसका स्वयं आकर श्रृंगार किया हो।



मधुबन सम्मेदशिखर के चहूं और बड़े बड़े भव्य मंदिर वर्षा के इस मौसम में बादलों से ढके जाते है। संगमरमर से निर्मित भव्य जैन मंदिर बादलों के बीच घिरे नजर आते है। जो निश्चित रूप से सभी के लिए आकर्षण का केंद्र बिंदु बन जाता है।
11अगस्त को भगवान पार्श्वनाथ का मोक्ष कल्याणक महोत्सव है। जिसको लेकर मधुबन की समस्त जैन संस्थाएं तैयारी में जुटी हुई है। मोक्ष कल्याण महोत्सव पर देश के विभिन्न प्रांतो एवम विदेश से विशाल संख्या में भक्तजन पारसनाथ शिखरजी में आकर निर्वाण लाडू महोत्सव में सम्मिलित होकर अपने आप को पुण्यशाली मानते हैं।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
