धर्म के पथ पर चलने वाला व्यक्ति प्रतिकूलता में भी अनुकूलता का जीवन जीता है पूर्णमति माताजी

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धर्म के पथ पर चलने वाला व्यक्ति प्रतिकूलता में भी अनुकूलता का जीवन जीता है पूर्णमति माताजी
ग्वालियर
दुनिया में ऐसे भी लोग होते हैं जो सब कुछ होते हुए भी प्रतिकूलता का जीवन जीते हैं, वही धर्म के पथ पर चलने वाला व्यक्ति प्रतिकूलता में भी अनुकूलता का जीवन जीता है। संतुष्टि अंतस से मिलेगी, बाहर से नहीं।

 

 

जिसका जीवन एक बार धर्म आध्यात्मिक और प्रभु भक्ति से जुड़ जाए, उसका जीवन बदल जाता है। दुनिया में व्यक्ति को जूझने पर पदार्थ और झुकने पर परमात्मा मिलता है।

 

 

बच्चों को संस्कार की सौगात देना चाहते हो तो स्वयं शिष्टाचार का पालन और उपकारों का स्मरण अवश्य करो यह विचार आर्यिका 105 पूर्णमति माताजी ने सोमवार को सिरोल चौराहा स्थित साक्षी एनक्लेव परिसर में धर्म सभा को संबोधित करते हुए कहे।

 

संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

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