महान ऋद्धियों के धारी होते हैं “गणधर”विज्ञमति माताजी

धर्म

महान ऋद्धियों के धारी होते हैं “गणधर”विज्ञमति माताजी
एटा
गिरनार गौरव आचार्य108 श्री निर्मल सागर महाराज जी की परम शिष्या चरित्र चंद्रिकागणिनी आर्यिका105 श्री विशुद्धमति माताजी के आशीर्वाद से ग्रीन गार्डन में विशुद्ध भक्त परिवार द्वारा गणधर वलय स्रोत सेमिनार का केशव जैन एंड पार्टी भोपाल ने सुमधुर स्वर में”हे गुरु मां तुम्हें नमन” के भजन की सुंदर प्रस्तुति से कार्यक्रम का शुभारंभ किया,दीप प्रज्वलन श्री मनोज एडवोकेट, सुनील जैन अंकित जैन ,अमित जैन एवं राजा जैन ने किया,

 

 

 

सेमिनार संयोजिका एटा नगर गौरव प्रज्ञा पद्मिनी पट्ट गणिनी आर्यिका 105 श्री विज्ञमती माताजी ने आज ऋद्धियों के बारे में शिविरार्थियों को बताया कि 1452 गणधर 64 ऋद्धियोंके धारी होते हैं जिनमें कोष्ठ बुद्धि,बीज बुद्धि, पदानुसारि,संभिन्न श्रोतृ ऋद्धि आदि ऐसी महान ऋद्धि है जो एक क्षण में अपने शरीर को स्थूल और सूक्ष्म बनाने की शक्ति रखते हैं,उनके सुगंधित शरीर के स्पर्श मात्र से शरीर आधि व्याधियाँ दूर भाग जातीं हैं,जो दूसरों के मन की बातें अवधिज्ञान से जान लेते हैं जिन्होंने अपने साधना के बल से इन महान ऋद्धियों को प्राप्त किया है उन गणधरों के गुणानुवाद के लिए स्तोत्र की रचना करने वाले आचार्य श्री सकल कीर्ति गुरुदेव के पुरुषार्थ को हम बारंबार प्रणाम करते हैं!अपने से बड़े जो गुरु हैं गणधराचार्य हैं उनकी स्तुति पठन-पाठन करें तो क्षमा एवं क्षमा के पात्र बन सकते हो, हमें गणधर की आराधना अपनी हृदय की श्रुति ज्ञान की वेदी पर विराजमान करके अवश्य ही करना चाहिए!आचार्य भद्रबाहु संहिता पढ़ने से ज्योतिष ज्ञान होता है!

 

जैन आगम में जो वर्णित है उसी के अनुरूप मंत्रों की शक्ति को पहचाने आराधना करें, कर्मोदय के कारण अगर कोई कष्ट आया है तो धैर्य धारण करें, जो परमात्मा की भक्ति में विश्वास करता है उसे दुर्गति का द्वार कभी नहीं देखना पड़ता, स्वयं साधना में उतरें गुरु ने जो मंत्र दिया है उस पर विश्वास करें ,जो गुरु सिंधु के समान गुणों वाले है परन्तु बिंदु के समान रहते हैं वे श्रुतकेवली के पादमूल में बैठकर उनके गुणों का बखान करते हैं ऐसे गुरु मोक्ष मार्ग के प्रदर्शक हैं!

 

संघस्थ आर्यिका श्री विजितमती माता जी, विकर्षमती माताजी,

 

 

विदर्शमती माताजी, क्षुल्लिका विश्रुतमति एवं विपुलमति माताजी ने सभी शिविरार्थियों को अपना मंगल आशीष प्रदान किया,संघस्थ बाल ब्रह्चारिणी अदिति दीदी एवं प्रियंका दीदी के साथ माँ विशुद्ध मती सभागार में विशुद्ध भक्त परिवार के श्री गजेन्द्र जैन, विजय अंबा सरिया, मंत्री नितिन जैन कोषाध्यक्ष आनंद ज्वैलर्स, एवं श्री कुलदीप जैन, अनिल जैन, बंटी जैन, मुनेन्द्र जैन, आशीष जैन, सुभाष जैन, अतुल जैन, जौनी जैन, विशाल जैन, अनूप जैन, अरुण जैन, श्रीमती चिंकी जैन,कुमकुम जैन, राजमती जैन, वीनेश जैन, मीनू जी, रिविका जैन,गीता जैन, परी जैन, शैलेश जैन, रानी जैन, सोनल जैन, बीना जैन, ज्योति जैन, अंजलि जैन, मीना जैन, बबिता जैन आदि उपस्थित थीं!

 

बबीता जैन एटा से प्राप्त जानकारी के साथ अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट 9929747312

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